रिलायंस इंडस्ट्रीज का जून 2026 तिमाही में ऑपरेटिंग प्रॉफिट **10.7%** बढ़ा है, जिसमें ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) और टेलीकॉम सेगमेंट का बड़ा योगदान रहा। हालांकि, रिटेल सेगमेंट में भारी निवेश के चलते मार्जिन **15-तिमाही** के निचले स्तर पर आ गए।
Reliance Q1 Results: नतीजे मिले-जुले
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने जून 2026 में समाप्त तिमाही के लिए मिले-जुले नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 10.7% बढ़ा है, वहीं पिछली तिमाही से इसमें 7.6% का सुधार हुआ है। इस ग्रोथ का मुख्य श्रेय ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) और टेलीकॉम (Jio) सेगमेंट को जा रहा है।
O2C सेगमेंट का शानदार प्रदर्शन
ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) सेगमेंट ने पिछले 4 सालों में सबसे मजबूत नतीजे दिए हैं। इस सेगमेंट की सेल्स 30% बढ़ी है, जिसका फायदा मजबूत फ्यूल क्रैक्स और बेहतर क्रूड सोर्सिंग से मिला। हालांकि, इस सेगमेंट के ऑपरेटिंग मार्जिन में 100 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है और यह 8.4% पर आ गया है। इसके पीछे घरेलू फ्यूल रिटेलिंग में अंडर-रिकवरी, स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी का असर, और माल ढुलाई व बीमा की ऊंची लागत जैसे कारण रहे।
जियो का ग्रोथ मोमेंटम जारी
जियो प्लेटफॉर्म्स ने भी लगातार ग्रोथ बनाए रखी है। रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 10.8% बढ़ा है। कंपनी के सब्सक्राइबर बेस बढ़कर 533.3 मिलियन हो गए, जिसमें तिमाही के दौरान 8.9 मिलियन नए ग्राहक जुड़े। प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) में 3.3% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹215.6 पर पहुंच गया। एनालिस्ट्स आने वाले सालों के लिए ऑपरेटिंग प्रॉफिट के अनुमानों को थोड़ा एडजस्ट कर रहे हैं, क्योंकि 5G इंफ्रास्ट्रक्चर को मोनेटाइज करने और कैश फ्लो बढ़ाने की क्षमता पर नजर रखी जा रही है।
रिटेल सेगमेंट में मार्जिन का दबाव
यह तिमाही रिलायंस के रिटेल बिजनेस के लिए थोड़ी कमजोर रही। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में पिछले साल के मुकाबले 2% की गिरावट आई है। रिटेल सेगमेंट के ऑपरेटिंग मार्जिन 75 बेस पॉइंट्स घटकर 7.4% पर आ गए, जो पिछले 15 तिमाहियों में सबसे कम है। इस गिरावट की मुख्य वजह डिजिटल कॉमर्स में चल रहा भारी निवेश और सेल्स मिक्स का कम मार्जिन वाली कैटेगरी, खासकर जियोमार्ट ग्रोसरी बिजनेस की ओर शिफ्ट होना है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों की नजर अब डिजिटल रिटेल स्ट्रेटेजी के एग्जीक्यूशन और जियो बिजनेस की संभावित पब्लिक लिस्टिंग पर रहेगी। साथ ही, कंपनी के एनर्जी, टेलीकॉम और रिटेल ऑपरेशंस में ग्रोथ इन्वेस्टमेंट को बैलेंस करने और वोलेटाइल ग्लोबल क्रूड मार्केट को मैनेज करने की क्षमता पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी।
