Reliance O2C ने Q3 में 8.4% राजस्व वृद्धि के साथ ग्रोथ को गति दी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Reliance O2C ने Q3 में 8.4% राजस्व वृद्धि के साथ ग्रोथ को गति दी
Overview

रिलायंस इंडस्ट्रीज के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) व्यवसाय ने Q3 में ₹1.62 लाख करोड़ के 8.4% राजस्व वृद्धि के साथ मजबूत परिणाम दर्ज किए। बेहतर ईंधन मार्जिन और अनुकूलित संचालन ने EBITDA को ₹16,507 करोड़ तक पहुँचाया, जिससे मार्जिन 10.2% हो गया। Jio-bp ईंधन खुदरा (retail) व्यवसाय ने भी महत्वपूर्ण वृद्धि दिखाई, अपना नेटवर्क बढ़ाया और डीजल व पेट्रोल की बिक्री में तेज उछाल दर्ज किया।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने दिसंबर तिमाही के लिए अपने ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) व्यवसाय के मजबूत परिचालन परिणाम घोषित किए, जिसमें राजस्व साल-दर-साल 8.4% बढ़कर ₹1.62 लाख करोड़ हो गया। इस वृद्धि का मुख्य आधार बेहतर ईंधन मूल्य (fuel realisations) और निरंतर परिचालन दक्षता (operational efficiency) रही।

O2C सेगमेंट के लिए ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन (EBITDA) से पहले की कमाई ₹16,507 करोड़ रही, जो पिछली तिमाही के ₹15,008 करोड़ और पिछले वर्ष की समान अवधि के ₹14,402 करोड़ से अधिक है। लाभप्रदता (profitability) को मजबूत परिवहन ईंधन क्रैक्स (transportation fuel cracks) ने बढ़ाया, जिससे सेगमेंट मार्जिन बढ़कर 10.2% हो गया, जो सितंबर तिमाही के 9.4% और पिछले साल की इसी अवधि के 9.6% से ऊपर है।

कंपनी ने अपनी सफलता का श्रेय अधिकतम रिफाइनरी उपयोग (refinery utilisation) और सक्रिय कच्चा तेल सोर्सिंग रणनीतियों (crude sourcing strategies) को दिया, जिन्होंने खरीद चुनौतियों के बावजूद उच्च थ्रूपुट बनाए रखा। गैसिफायर आउटपुट को अनुकूलित करने, लिक्विड फ्यूल मिक्स को कैलिब्रेट करने और कुशल ग्रिड पावर सोर्सिंग से लागत में और कमी हासिल की गई। रिलायंस ने कमजोर रासायनिक मार्जिन के बीच सुगंधित उत्पादों (aromatics) के उत्पादन को रणनीतिक रूप से प्रबंधित किया, उच्च-मूल्य वाले परिवहन ईंधन को प्राथमिकता दी। कार्गो एग्रीगेशन (cargo aggregation) और बैकहॉल दक्षता (backhaul efficiencies) के माध्यम से माल ढुलाई लागत (freight costs) में कमी, साथ ही लाल सागर शिपिंग मार्गों (Red Sea shipping routes) की आंशिक बहाली ने अतिरिक्त परिचालन लाभ प्रदान किए।

Reliance BP Mobility Limited, जो Jio-bp ब्रांड के तहत अपने ईंधन खुदरा (fuel retailing) व्यवसाय का संचालन करती है, ने अपने विस्तार की राह जारी रखी। तिमाही के अंत तक नेटवर्क बढ़कर 2,125 आउटलेट हो गया, जो एक साल पहले 1,865 आउटलेट था। तिमाही आधार पर डीजल की बिक्री में साल-दर-साल 24.7% की बढ़ोतरी हुई, जबकि पेट्रोल की बिक्री में 20.8% की वृद्धि देखी गई, जो उद्योग की मात्रा वृद्धि से काफी आगे है। कंपनी ने इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (electric vehicle charging infrastructure) का भी विस्तार किया, Jio-bp Pulse ब्रांड के तहत 980 साइटों पर 6,815 से अधिक चार्जिंग पॉइंट संचालित किए।

चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने वित्तीय वर्ष के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इसमें लगातार वित्तीय वितरण और परिचालन लचीलापन (operational resilience) दिखाई दिया। उन्होंने O2C व्यवसाय में मजबूत वृद्धि पर प्रकाश डाला, जो अनुकूल मांग-आपूर्ति की गतिशीलता (demand-supply dynamics) और बेहतर ईंधन मार्जिन से प्रेरित थी। अंबानी ने नोट किया कि अपस्ट्रीम EBITDA पर कम मात्रा और कीमतों का प्रभाव पड़ा।

Reliance Industries के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange) पर आय घोषणा से पहले ₹1,461 पर मामूली रूप से उच्च स्तर पर बंद हुए।

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