Reliance Industries ने वेनेजुएला से कच्चे तेल के आयात को बढ़ाकर **4,65,000 बैरल प्रति दिन** कर दिया है। यह **2019** के बाद का सबसे बड़ा स्तर है, जिसका मकसद रिफाइनरी मार्जिन को सुरक्षित करना है।
रणनीति का मुख्य कारण
Reliance Industries ने अपनी जामनगर रिफाइनरी के लिए वेनेजुएला के 'Merey' क्रूड को प्राथमिकता दी है। चूंकि अन्य विकल्पों जैसे कि रशियन Urals की कीमतें बढ़ रही हैं, कंपनी इस भारी और उच्च-सल्फर वाले कच्चे तेल पर मिलने वाले भारी डिस्काउंट का फायदा उठा रही है। यह रणनीति कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स बिजनेस के लिए काफी अहम है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर की ताकत
जामनगर रिफाइनरी की खासियत यह है कि यह जटिल और भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने में सक्षम है, जो कई दूसरी रिफाइनरीज के लिए कठिन होता है। इस तेल को गुजरात के सिक्का पोर्ट के जरिए लाया जा रहा है।
रिस्क फैक्टर
हालांकि अमेरिकी सरकार से फिलहाल इसकी अनुमति मिली हुई है, लेकिन भू-राजनीतिक हालात (Geopolitical landscape) कभी भी बदल सकते हैं। इसके अलावा, लंबी दूरी से भारी क्रूड लाने में टैंकर का किराया (Freight cost) काफी ज्यादा होता है, जो मुनाफे के अंतर को कम कर सकता है।
बाजार पर असर
फिलहाल Reliance का शेयर करीब ₹1,206 के आसपास ट्रेड कर रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली और मैक्रोइकॉनॉमिक चिंताओं के बीच, निवेशक इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि क्या यह प्रोक्योरमेंट स्ट्रेटेजी कंपनी के मार्जिन को मजबूती दे पाएगी या नहीं।
