Reliance Industries ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1FY27) में अपने नेट प्रॉफिट में **16%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। यह बढ़त मुख्य रूप से ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) सेगमेंट के शानदार प्रदर्शन से आई है। हालांकि, रिटेल सेगमेंट में लगातार हो रहे डिजिटल निवेशों के चलते मुनाफा थोड़ा प्रभावित हुआ है।
Reliance Industries का दमदार तिमाही नतीजा
Reliance Industries Ltd ने जून 2026 में समाप्त तिमाही (Q1FY27) के लिए ₹20,946 करोड़ का नेट प्रॉफिट घोषित किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 16% ज्यादा है। कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) सेगमेंट ने इस शानदार प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई है। अनुकूल ग्लोबल रिफाइनिंग हालातों और कच्चे माल के फ्लेक्सिबल मिक्स को प्रोसेस करने की कंपनी की क्षमता का फायदा O2C को मिला।
आपको बता दें कि तय रिफाइनरी मेंटेनेंस शटडाउन के बावजूद, जिसने प्रोडक्शन वॉल्यूम को 10% तक कम कर दिया था, O2C डिवीजन ने पिछले 13 तिमाहियों का अपना उच्चतम प्रति टन आय ₹10,904 दर्ज किया।
रिटेल सेगमेंट में मार्जिन पर दबाव
जहां O2C बिजनेस में मजबूती दिखी, वहीं कंपनी के रिटेल आर्म को प्रॉफिटेबिलिटी की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। Reliance Retail ने तिमाही के लिए ₹5,935 करोड़ का Ebitda दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 2% कम है। रिटेल डिवीजन के प्रॉफिट मार्जिन में 75 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई और यह 7.4% पर आ गया। मैनेजमेंट ने इस गिरावट का कारण डिजिटल कॉमर्स पहलों पर भारी खर्च और अपने डार्क स्टोर नेटवर्क का विस्तार बताया है। उम्मीद है कि अगले 9 से 12 महीनों तक ये निवेश प्राथमिकता बने रहेंगे, जिससे निकट भविष्य में प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है।
Jio Platforms का प्रदर्शन
ग्रुप की कुल कमाई में एक प्रमुख योगदानकर्ता, Jio Platforms ने स्थिर नतीजे पेश किए। एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) में 1% की मामूली बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹215.6 पर पहुंच गया। कंपनी ने कहा कि प्रोमोशनल प्राइसिंग स्ट्रेटेजी ने ARPU ग्रोथ को सीमित किया है, हालांकि उम्मीद है कि ये टेम्परेरी ऑफर्स खत्म होने पर मेट्रिक्स में सुधार होगा।
आगे की राह और बाजार का नज़रिया
Reliance Retail ने एक बड़ा ग्रोथ लक्ष्य रखा है, जिसका उद्देश्य FY26 और FY29 के बीच अपने एब्सोल्यूट Ebitda को दोगुना करना है। इसके लिए 26% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट की आवश्यकता होगी, जो कि पिछले तीन वर्षों में देखे गए 13% की दर से काफी ज्यादा है। बाजार विश्लेषक इस बात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं कि क्या कंपनी अपने आक्रामक डिजिटल विस्तार की लागत को मैनेज करते हुए इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अपनी रिटेल ग्रोथ को तेज कर सकती है।
जनवरी की शुरुआत में अपने उच्चतम स्तर से कंपनी के स्टॉक में 18% की गिरावट आई है, जो इसी अवधि में व्यापक निफ्टी 50 इंडेक्स के प्रदर्शन से पीछे रहा है। Motilal Oswal Financial Services की हालिया ब्रोकरेज रिपोर्ट भी एक सतर्क रुख दर्शाती है, जिसमें Jio Platforms के वैल्यूएशन पर 25% होल्डिंग-कंपनी डिस्काउंट शामिल है। निवेशक अब रिटेल मार्जिन रिकवरी की वास्तविक गति, प्रोमोशनल ऑफर्स के खत्म होने के बाद Jio यूजर्स का उच्च ARPU प्लान्स में ट्रांज़िशन, और बदलते वैश्विक ऊर्जा मांग के बीच O2C सेगमेंट में उच्च रिफाइनिंग मार्जिन बनाए रखने की कंपनी की क्षमता पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
