Reliance Industries और BP के KG-D6 ब्लॉक से नेचुरल गैस का उत्पादन जून तिमाही में **7%** घटकर **24.8 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रति दिन (mmscmd)** पर आ गया है। यह गिरावट 2024 की शुरुआत में पीक लेवल से उत्पादन में आई स्वाभाविक कमी का नतीजा है। प्रोडक्शन में कमी और गैस की औसत बिक्री कीमतों में गिरावट, एनर्जी सेक्टर पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण फैक्टर बने हुए हैं।
प्रोडक्शन में आई 7% की गिरावट
Reliance Industries और उसके पार्टनर BP Plc ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान KG-D6 ब्लॉक से नेचुरल गैस प्रोडक्शन में सालाना आधार पर लगभग 7% की गिरावट दर्ज की है। कंपनी के हालिया परफॉरमेंस अपडेट के मुताबिक, औसत दैनिक उत्पादन 24.8 mmscmd रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में 26.6 mmscmd था। यह आंकड़ा जनवरी-मार्च तिमाही के 25.2 mmscmd की तुलना में भी कम है।
प्रोडक्शन ट्रेंड्स और पिछला रिकॉर्ड
यह मौजूदा उत्पादन उस ट्रेंड को दर्शाता है जो 2024 की शुरुआत में ब्लॉक में खोजे गए दूसरे चरण के प्रोडक्शन पीक 30.6 mmscmd से लगातार जारी है। तब से, इन फील्ड्स का कुल उत्पादन लगभग 19% कम हो गया है। यह गिरावट डीपवाटर गैस फील्ड्स के लिए सामान्य है, जहां मैक्सिमम एक्सट्रैक्शन कैपेसिटी तक पहुंचने के बाद समय के साथ रिजर्वॉयर प्रेशर स्वाभाविक रूप से कम हो जाता है। Reliance ने संकेत दिया है कि यह गिरावट अपेक्षित सीमा के भीतर है, लेकिन कंपनी ने अभी तक आउटपुट वॉल्यूम को स्थिर करने के लिए कोई विशेष ऑपरेशनल स्ट्रैटेजी नहीं बताई है।
KG-D6 ब्लॉक का एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन इतिहास चुनौतियों से भरा रहा है। शुरुआती D-1 और D-3 फील्ड्स, जिन्होंने 2009 में ऑपरेशन शुरू किया था, 2020 में कुओं में पानी और रेत घुसने जैसी तकनीकी समस्याओं के कारण बंद कर दिए गए थे। BP के साथ तकनीकी साझेदारी के बाद, संयुक्त उद्यम ने पुराने फील्ड्स से घटते उत्पादन को बदलने के लिए तीन नए डीपवाटर प्रोजेक्ट्स—R-Cluster, Satellite Cluster, और MJ—विकसित करने में लगभग $5 बिलियन का निवेश किया। ये प्रोजेक्ट्स वर्तमान में भारत की घरेलू नेचुरल गैस सप्लाई में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
रेवेन्यू और प्राइस रियलाइजेशन
प्रोडक्शन में इस गिरावट का वित्तीय प्रभाव मार्केट प्राइसिंग ट्रेंड्स से भी प्रभावित हो रहा है। जून तिमाही के दौरान, इन फील्ड्स से गैस की औसत बिक्री कीमत $8.89 प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (mmBtu) थी, जो पिछले साल की समान तिमाही में दर्ज $9.97 प्रति mmBtu से कम है। घरेलू गैस कीमतों में उतार-चढ़ाव अक्सर ग्लोबल एनर्जी इंडेक्स से जुड़े होते हैं, जो इन एसेट्स से उत्पन्न रेवेन्यू को प्रभावित करते हैं।
हालांकि, कंपनी के व्यापक एनर्जी सेगमेंट के परफॉरमेंस पर इसके ऑयल और कंडेनसेट प्रोडक्शन का भी असर पड़ता है। गैस आउटपुट के विपरीत, Reliance ने ऑयल और कंडेनसेट के लिए प्राइस रियलाइजेशन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की, जो पिछले साल $69.9 प्रति बैरल की तुलना में जून तिमाही में $107.4 प्रति बैरल पर था। निवेशकों के लिए, KG-D6 ब्लॉक का परफॉरमेंस कंपनी के अपस्ट्रीम एनर्जी बिजनेस का एक महत्वपूर्ण पहलू बना हुआ है। आने वाली तिमाहियों में मुख्य फोकस इस बात पर रहेगा कि क्या मौजूदा प्रोडक्शन लेवल को बनाए रखा जा सकता है या नेचुरल रिजर्वॉयर डिक्लाइन को मैनेज करने के लिए किसी और तकनीकी हस्तक्षेप की आवश्यकता होगी।
