ReNew Energy Global ने Q2 FY27 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **28%** बढ़कर **₹49.6 अरब** और मुनाफा **37%** बढ़कर **₹6.4 अरब** पर पहुंच गया है। चेयरमैन सुमंत सिन्हा अब भारत को क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाने पर जोर दे रहे हैं।
मैन्युफैक्चरिंग पर बड़ा दांव
ReNew Energy के चेयरमैन सुमंत सिन्हा कंपनी को केवल एक प्रोजेक्ट इंस्टॉलर से आगे ले जाकर सोलर सेल और वेफर्स जैसे क्रिटिकल कंपोनेंट्स के मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देख रहे हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी ने ओडिशा में 1,500 MW के पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट के लिए करार किया है, जिसकी वैल्यू करीब ₹9,000 करोड़ है। यह कदम कंपनी को 24/7 पावर सप्लाई की दिशा में मजबूती देगा।
आर्थिक चुनौतियां और जोखिम
शानदार नतीजों के बावजूद, निवेशकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें गौर करने वाली हैं:
- कर्ज का बोझ: कंपनी को अगले समय में करीब $1.7 अरब का डेट रिपेमेंट करना है, जिसके लिए रीफाइनेंसिंग पर मैनेजमेंट का विशेष ध्यान है।
- ग्रिड कर्टेलमेंट (Grid Curtailment): तेलंगाना जैसे राज्यों में ग्रिड की समस्याओं के कारण कंपनी को पावर सप्लाई में रुकावटों का सामना करना पड़ा है, जिसका असर मार्जिन पर पड़ सकता है।
सिन्हा का मानना है कि भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का हिस्सा बनने के लिए पॉलिसी में निरंतरता और पेंशन फंड जैसे घरेलू कैपिटल के गहरे एकीकरण की जरूरत है। फिलहाल, बाजार की नजर इस बात पर है कि कंपनी अपने बड़े प्रोजेक्ट्स को कैसे एग्जीक्यूट करती है और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखती है।
