RattanPower के निवेशकों के लिए कल का दिन अहम होने वाला है। कंपनी 24 जुलाई को अपनी बोर्ड मीटिंग में मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के नतीजों को मंजूरी देगी। हालांकि, इस बीच कंपनी के एनुअल प्रॉफिट (Annual Profit) में 76% से ज्यादा की भारी गिरावट देखने को मिली है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
Detailed Coverage
क्यों आई मुनाफे में इतनी बड़ी गिरावट?
कंपनी के सामने इस समय बड़ी चुनौतियां हैं। हालिया वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए, RattanPower का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) ₹2,991.36 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर से 8.89% कम है।
मुनाफे (Profit) की बात करें तो स्थिति और भी गंभीर है। FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) सिर्फ ₹52.44 करोड़ रहा। यह पिछले साल के ₹221.92 करोड़ के मुकाबले 76.37% की भारी गिरावट है। इस दौरान कंपनी की एनुअल ईपीएस (Annual EPS) गिरकर ₹0.10 रह गई है।
तिमाही नतीजों पर भी असर
मार्च 2026 की तिमाही के नतीजे भी चिंताजनक हैं। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹787.69 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 15.87% कम है। हालांकि, यह पिछले दिसंबर 2025 की तिमाही से 8.20% ज्यादा है।
तिमाही लाभ (Quarterly Profit) में भी गिरावट दर्ज की गई। मार्च 2026 की तिमाही में नेट प्रॉफिट ₹42.84 करोड़ रहा, जो पिछले क्वार्टर से 21.05% और पिछले साल की इसी अवधि से 65.98% कम है।
आगे क्या उम्मीद करें?
पावर सेक्टर (Power Sector) में बढ़ती लागत, टैरिफ में बदलाव और कड़े मुकाबले के बीच RattanPower जैसी कंपनियों के लिए मार्जिन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है।
निवेशक अब बोर्ड मीटिंग में कंपनी के मैनेजमेंट से यह उम्मीद कर रहे हैं कि वे रेवेन्यू बढ़ाने और मुनाफे को स्थिर करने की रणनीति पर विस्तार से बात करें। यह जानना भी जरूरी होगा कि कंपनी भविष्य में प्रोजेक्ट्स को कैसे पूरा करेगी और गिरते मुनाफे को रोकने के लिए क्या कदम उठाएगी।
