नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने **12** हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते शेयर बाजार में बिकवाली हावी हो गई है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
नेपाल के रसुवा जिले में 26 अगस्त 2026 को आई अचानक आई बाढ़ ने इलाके में तबाही मचा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तबाही सामान्य बारिश नहीं, बल्कि 'लेंडे खोला' में आए आइस-रॉक एवलांच के कारण हुई है। इस आपदा में 12 से ज्यादा हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को गंभीर नुकसान पहुंचा है और सीमावर्ती क्षेत्र में करीब 19 पुल पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।
बाजार पर असर
इस घटना के बाद नेपाल स्टॉक एक्सचेंज (NEPSE) में बिकवाली का दौर देखा गया, जहां इंडेक्स 35.92 अंक फिसल गया। सबसे ज्यादा मार हाइड्रोपावर और नॉन-लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर पर पड़ी है। Rasuwagadhi Hydropower और Mailung Khola Hydropower जैसे स्टॉक्स में निवेशकों ने जमकर बिकवाली की, जिसके चलते कई शेयर 15% के लोअर सर्किट तक पहुंच गए।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हिंदू कुश हिमालय क्षेत्र में स्थित इन एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इन क्षेत्रों में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOFs) और एवलांच जैसे खतरे किसी भी प्रोजेक्ट को पल भर में ठप कर सकते हैं। यह नुकसान केवल ऑपरेशनल नहीं है, बल्कि फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की पूरी तरह बर्बादी है, जिससे कंपनियों के रेवेन्यू पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है।
इंश्योरेंस सेक्टर की मुश्किल
बीमा कंपनियों के लिए अब क्लेम का अंबार लगने वाला है। प्रॉपर्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस इंटरप्शन के कारण होने वाले भारी नुकसान की भरपाई से कंपनियों की सॉल्वेंसी रेशियो पर दबाव पड़ना तय है। अतीत में ऋषि गंगा और तीस्ता नदी घाटी जैसी घटनाओं ने पहले ही दिखा दिया है कि हिमालयी क्षेत्र के प्रोजेक्ट्स का रिस्क प्रीमियम अब बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
फिलहाल, निवेशक अब डैमेज हुए प्लांट्स की स्थिति और इंश्योरेंस क्लेम की कुल राशि पर नजरें टिकाए हुए हैं। प्रशासन ने ऊपरी इलाकों में ब्लॉक ब्लॉकेज के कारण दोबारा बाढ़ आने की चेतावनी दी है, जिससे अगले कुछ हफ्ते इन कंपनियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं।
