REC Limited ने राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में दो बड़े पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स को जीतने वाले बिडर्स को सौंप दिया है। ये इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स, जिनकी कुल कीमत ₹3,321 करोड़ है, बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) आधार पर किए जाएंगे।
राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट
REC Limited ने अपनी सहायक कंपनी REC Power Development and Consultancy (RECPDCL) के माध्यम से दो प्रमुख बिजली ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स को चुने हुए डेवलपर्स को सफलतापूर्वक ट्रांसफर कर दिया है। यह हैंडओवर उन कंपनियों को आधिकारिक रूप से किया गया है जो भारत की बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए जिम्मेदार होंगी।
पहला प्रोजेक्ट, स्पेशल पर्पज व्हीकल Bhadla Ramgarh Power Transmission Ltd द्वारा प्रबंधित है। इसमें राजस्थान के भड़ला-III, रामगढ़ और कानपुर स्टेशनों सहित प्रमुख पूलिंग स्टेशनों का अपग्रेडेशन शामिल है। Power Grid Corporation of India Limited ने इस प्रोजेक्ट को हासिल किया है, जिसकी अनुमानित लागत ₹1,035 करोड़ है। कंपनी से उम्मीद की जाती है कि वह जनवरी 2029 तक इस इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरा कर लेगी।
दूसरा प्रोजेक्ट, Shongtong Power Transmission Ltd, हिमाचल प्रदेश में स्थित है। इसमें 400/220 kV GIS झांगी पूलिंग स्टेशन का निर्माण और पंचकुला व वांगतू के बीच 175 किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन का विस्तार शामिल है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹2,286 करोड़ है और इसे Terralight Solar Energy Tinwari Private Limited को आवंटित किया गया है। डेवलपर को 30 महीने की समय-सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना होगा।
प्रोजेक्ट मॉडल को समझना
ये प्रोजेक्ट्स टैरिफ-आधारित कॉम्पिटिटिव बिडिंग (Tariff-Based Competitive Bidding) प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित किए गए थे। यह सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में लागत-दक्षता सुनिश्चित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक मानक विधि है। बिल्ड-ओन-ऑपरेट-ट्रांसफर (Build-Own-Operate-Transfer) ढांचे का उपयोग करके, ये कंपनियां एक निश्चित अवधि के लिए संपत्ति के निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी लेती हैं, जिसके बाद उन्हें वापस ट्रांसफर किया जा सकता है।
REC Limited के लिए, ये ट्रांसफर सीधे निर्माण जोखिम उठाए बिना पावर सेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा प्रदान करने में इसकी सक्रिय भूमिका को दर्शाते हैं। एक वित्तीय संस्थान के रूप में, REC का मुख्य व्यवसाय पावर सेक्टर को फंड करना है। प्रोजेक्ट डेवलपमेंट के लिए एक मध्यस्थ के रूप में कार्य करके, कंपनी बिडिंग और मॉनिटरिंग प्रक्रिया से संबंधित कंसल्टेंसी और एडवाइजरी सेवाओं के माध्यम से राजस्व अर्जित करती है।
REC को ट्रैक करने वाले निवेशक प्रोजेक्ट फैसिलिटेटर के रूप में कंपनी की सफलता की निगरानी कर सकते हैं, क्योंकि इससे नॉन-इंटरेस्ट इनकम का एक स्थिर स्रोत प्राप्त होता है। इन प्रोजेक्ट्स की प्रगति में भूमि अधिग्रहण में संभावित देरी, नियामक मंजूरी और डेवलपर्स की अपने अनुमानित समय-सीमा के भीतर निर्माण निष्पादित करने की क्षमता जैसे मानक उद्योग जोखिम शामिल हैं। इन डेवलपर्स का वित्तीय प्रदर्शन और परिचालन दक्षता बनाए रखने की उनकी क्षमता इन ट्रांसमिशन कॉरिडोर की सफलता निर्धारित करने वाले प्राथमिक कारक होंगे।
