Motilal Oswal ने सोलर मॉड्यूल बनाने वाली कंपनी Premier Energies को लेकर पॉजिटिव आउटलुक जारी किया है और ₹1,240 का प्राइस टारगेट सेट किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि सोलर सेक्टर में हालिया रेगुलेटरी एक्सटेंशन के बावजूद कंपनी अच्छी पोजीशन में है।
Motilal Oswal का पॉजिटिव नज़रिया
Motilal Oswal Securities ने सोलर मॉड्यूल बनाने वाली कंपनी Premier Energies Limited पर कवरेज शुरू करते हुए ₹1,240 का प्राइस टारगेट तय किया है। यह वैल्यूएशन ब्रोकरेज की डोमेस्टिक रिन्यूएबल एनर्जी स्पेस में कंपनी की ग्रोथ की संभावनाओं पर आधारित है।
रेगुलेटरी अपडेट्स और डिमांड की स्थिति
निवेशकों के लिए एक अहम बात अप्रूव्ड लिस्ट ऑफ मॉडल्स एंड मैन्युफैक्चरर्स (ALMM) फेज II मैंडेट का 2026 तक बढ़ाया जाना है। हालांकि, ऐसे रेगुलेटरी बदलावों से सोलर सेक्टर में थोड़ी अनिश्चितता आ सकती है, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि Premier Energies पर इसका असर सीमित रहेगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि कुल डिमांड का 75% से 80% हिस्सा यूटिलिटी-स्केल सोलर प्रोजेक्ट्स, पीएम सूर्य घर रूफटॉप सोलर प्रोग्राम और पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) स्कीम से आता है। इन सेगमेंट्स पर ALMM एक्सटेंशन का कोई असर नहीं होगा, जिससे कंपनी की ऑर्डर विजिबिलिटी सुरक्षित रहेगी।
वैल्यूएशन और फाइनेंशियल फ्रेमवर्क
अपना टारगेट प्राइस तय करने के लिए ब्रोकरेज ने 'सम-ऑफ-द-पार्ट्स' (sum-of-the-parts) वैल्यूएशन अप्रोच का इस्तेमाल किया है। कंपनी के मुख्य डोमेस्टिक मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस को 2028 के फाइनेंशियल ईयर के अनुमानित EBITDA का 14 गुना वैल्यू दिया गया है। वहीं, नए बिजनेस वेंचर्स को अनुमानित FY28 EBITDA का 10 गुना वैल्यू दिया गया है। ये मल्टीपल्स सोलर मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में मौजूद अन्य डोमेस्टिक कंपनियों के वैल्यूएशन के बराबर माने जा रहे हैं। कंपनी की नेट डेट पोजीशन को ध्यान में रखते हुए, ये सेगमेंट्स मिलकर फर्म के टारगेट प्राइस को सपोर्ट करते हैं।
भविष्य के परफॉरमेंस पर नज़र
निवेशकों के लिए मुख्य फोकस इस बात पर रहेगा कि कंपनी प्रोडक्शन बढ़ाने के साथ-साथ अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बनाए रखती है। भले ही कंपनी का ऑर्डर बुक बड़े सरकारी स्कीम्स द्वारा समर्थित है, लेकिन शेयरहोल्डर्स के लिए लॉन्ग-टर्म फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी कितनी कुशलता से अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर को मैनेज करती है और सोलर मॉड्यूल इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धी प्राइसिंग प्रेशर का सामना कैसे करती है। नई कैपेसिटी की एक्चुअल कमीशनिंग और सोलर पॉलिसी पर सरकारी अपडेट्स पर नज़र रखना आने वाली तिमाहियों में कंपनी की फाइनेंशियल प्रोग्रेस को ट्रैक करने के लिए ज़रूरी होगा।
