Power Grid Share Price: कंपनी की झोली में ₹823 करोड़ का प्रोजेक्ट, शेयर में आई **2.7%** की तेजी!

ENERGY
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Power Grid Share Price: कंपनी की झोली में ₹823 करोड़ का प्रोजेक्ट, शेयर में आई **2.7%** की तेजी!

Power Grid Corporation of India के लिए अच्छी खबर आई है। कंपनी ने गुजरात में **₹822.91 करोड़** सालाना का एक बड़ा ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट जीता है। इसी के साथ, **₹26,000 करोड़** का एक और बड़ा प्रोजेक्ट भी हासिल किया है। इनগুলোর चलते कंपनी के शेयर **2.7%** बढ़कर कारोबार कर रहे हैं।

गुजरात में नया प्रोजेक्ट, ₹823 करोड़ का होगा सालाना रेवेन्यू

सरकारी कंपनी Power Grid Corporation of India (POWERGRID) को गुजरात में एक अहम ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी ने टैरिफ-आधारित कॉम्पिटिटिव बिडिंग प्रक्रिया में यह प्रोजेक्ट जीता है, जिससे उसे सालाना ₹822.91 करोड़ का टैरिफ मिलेगा। यह प्रोजेक्ट रिन्यूएबल एनर्जी जोन से पावर को ग्रिड तक पहुंचाने के लिए बनाया जा रहा है।

₹26,000 करोड़ का एक और बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

इसी के साथ, कंपनी ने बाड़मेर (Barmer) में ₹26,000 करोड़ का एक अलग ट्रांसमिशन कॉन्ट्रैक्ट भी हासिल किया है। इन दोनों बड़े प्रोजेक्ट्स के मिलने से कंपनी की अनएग्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक ₹2.2 लाख करोड़ तक पहुंच गई है, जो भविष्य के रेवेन्यू के लिए अच्छी विजिबिलिटी दिखाता है।

कंपनी के फाइनेंशियल्स और बरोइंग लिमिट

हालिया नतीजों की बात करें तो, 30 जून को खत्म हुई पहली तिमाही में Power Grid का रेवेन्यू 2.7% बढ़कर ₹11,496.72 करोड़ रहा। हालांकि, नेट प्रॉफिट में 0.9% की मामूली गिरावट आई और यह ₹3,598.42 करोड़ दर्ज किया गया।

इन बड़े प्रोजेक्ट्स को फंड करने के लिए, कंपनी ने अपनी बरोइंग लिमिट को ₹2.2 लाख करोड़ तक बढ़ाने की मंजूरी शेयरहोल्डर्स से ले ली है। यह दिखाता है कि कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपेंशन के लिए भारी निवेश करने की तैयारी में है।

एग्जीक्यूशन रिस्क और मार्केट का नजरिया

हालांकि बढ़ती ऑर्डर बुक अच्छी बात है, लेकिन ट्रांसमिशन सेक्टर में एग्जीक्यूशन रिस्क हमेशा रहता है। गुजरात और बाड़मेर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में जमीन अधिग्रहण (Right of Way) और मुआवजे को लेकर देरी या लागत बढ़ने जैसी दिक्कतें आ सकती हैं। कॉम्पिटिटिव बिडिंग के कारण प्रॉफिट मार्जिन पर भी दबाव रहता है। ऐसे में, निवेशक कंपनी की एग्जीक्यूशन स्पीड और बढ़ी हुई बरोइंग लिमिट के असर पर नजर रखेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.