Power Grid Share Price: पावर ग्रिड का बड़ा कदम! FY27-28 के लिए बढ़ाई उधारी सीमा, जानिए क्या होगा असर

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AuthorAditya Rao|Published at:
Power Grid Share Price: पावर ग्रिड का बड़ा कदम! FY27-28 के लिए बढ़ाई उधारी सीमा, जानिए क्या होगा असर

Power Grid Corporation of India ने अगले दो फाइनेंशियल ईयर, 2027-28 के लिए अपनी उधारी (Borrowing) सीमा को बढ़ाकर **₹35,000 करोड़** कर दिया है। इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार को सपोर्ट करने के लिए यह फैसला लिया गया है।

Detailed Coverage

उधारी सीमा में बढ़ोतरी का कारण

Power Grid Corporation of India Ltd ने अपने बोर्ड से अगले दो फाइनेंशियल ईयर के लिए उधारी सीमा बढ़ाने की मंजूरी पा ली है। कंपनी अब FY27 और FY28 में ₹35,000 करोड़ तक की उधारी ले सकती है। यह पिछली ₹30,000 करोड़ की सीमा से ज्यादा है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने मौजूदा और भविष्य के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) के लिए करेगी, खासकर उन ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स के लिए जो रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) को देश भर में पहुंचाने में मदद करते हैं।

स्ट्रैटेजिक एक्सपेंशन और प्रोजेक्ट्स

कंपनी देश के ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने पर फोकस कर रही है ताकि रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स को आसानी से इंटीग्रेट किया जा सके। हाल ही में, Power Grid को इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (Inter-State Transmission System) को विकसित करने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (Letter of Intent) मिला है। इस प्रोजेक्ट में राजस्थान और उत्तर प्रदेश के सबस्टेशनों (Substations) पर ऑग्मेंटेशन (Augmentation) और बे एक्सटेंशन (Bay Extension) का काम शामिल है। ये प्रोजेक्ट्स बिल्ड, ओन, ऑपरेट और ट्रांसफर (Build, Own, Operate and Transfer - BOOT) बेसिस पर हैं, जो कंपनी के लॉन्ग-टर्म इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स को मैनेज करने का एक आम मॉडल है। इन प्रोजेक्ट्स की सफलता समय पर एग्जीक्यूशन (Execution) और कंपनी की एफिशिएंट ऑपरेशंस (Efficient Operations) बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करती है, साथ ही बढ़ी हुई उधारी की जिम्मेदारियों को भी संभालना होगा।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

FY26 की चौथी तिमाही के लिए Power Grid के फाइनेंशियल नतीजों ने मिले-जुले संकेत दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated Net Profit) ₹4,546.3 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹4,143 करोड़ की तुलना में 9.7% ज्यादा है। हालांकि, बॉटम लाइन (Bottom Line) में ग्रोथ के बावजूद, ऑपरेशनल रेवेन्यू (Operational Revenue) में पिछले साल की तुलना में 5% की गिरावट आई और यह ₹11,666 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹12,275 करोड़ था। इसके अलावा, कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट, यानी इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई (EBITDA), 11.3% घटकर ₹9,066 करोड़ रह गया।

एक कैपिटल-इंटेंसिव यूटिलिटी (Capital-intensive utility) के तौर पर, Power Grid अपने बड़े ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स के लिए भारी मात्रा में डेट (Debt) पर निर्भर करती है। उधारी सीमा में बढ़ोतरी भविष्य के ग्रोथ के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, लेकिन निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) और इंटरेस्ट कवरेज लेवल (Interest Coverage Level) पर नजर रखनी चाहिए। अगर रेवेन्यू ग्रोथ में उतनी तेजी नहीं आई जितनी एसेट बेस (Asset Base) के विस्तार में आ रही है, तो इंटरेस्ट कॉस्ट (Interest Cost) में कोई भी बढ़ोतरी मुनाफे को प्रभावित कर सकती है।

बोर्ड ने FY26 के लिए ₹1.25 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) भी सुझाया है, जो शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा। निवेशकों के लिए आगे की मुख्य बातों में यह देखना होगा कि कंपनी इस नई उधारी क्षमता का कितना उपयोग करती है, उसके रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स की प्रगति क्या है, और रेवेन्यू में हालिया गिरावट के बावजूद कंपनी अपने ऑपरेशनल मार्जिन्स (Operational Margins) को स्थिर रखने में कितनी कामयाब रहती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.