नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
Power Grid Corporation of India Limited ने अपने FY25-26 के तीसरी तिमाही (Q3) और पहले नौ महीनों (9M) के अन-ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स का ऐलान किया है। कंपनी के नतीजों में कंसोलिडेटेड आधार पर तिमाही के दौरान दमदार प्रदर्शन दिखा, लेकिन नौ महीनों के नतीजे मिले-जुले रहे।
तिमाही के दमदार आंकड़े:
अगर कंसोलिडेटेड नतीजों की बात करें, तो Q3 FY25-26 में कंपनी का रेवेन्यू 10.34% बढ़कर ₹12,395.09 करोड़ रहा। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 8.37% की ग्रोथ के साथ ₹4,184.96 करोड़ दर्ज किया गया।
स्टैंडअलोन (Standalone) प्रदर्शन:
स्टैंडअलोन बेसिस पर, Q3 FY25-26 में रेवेन्यू 8.74% बढ़कर ₹11,005.28 करोड़ रहा, जबकि PAT 6.83% की ग्रोथ के साथ ₹4,160.17 करोड़ दर्ज हुआ।
नौ महीनों का प्रदर्शन:
हालांकि, इस साल के पहले नौ महीनों (9M) के आंकड़ों पर नजर डालें तो कंसोलिडेटेड PAT में 6.81% की गिरावट आई है और यह ₹10,392.91 करोड़ पर आ गया है। स्टैंडअलोन PAT में भी 3.83% की गिरावट के साथ यह ₹10,374.27 करोड़ रहा।
कंपनी की वित्तीय सेहत और बड़े फैसले
कर्ज और लिक्विडिटी:
कंपनी का डेट-टू-इक्विटी (Debt-to-Equity) रेशियो बढ़कर 1.45 हो गया है, जो बताता है कि कंपनी पर कर्ज का बोझ बढ़ा है। वहीं, करंट रेशियो (Current Ratio) स्टैंडअलोन 0.85 और कंसोलिडेटेड 0.78 है। यह दिखाता है कि कंपनी की शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी (Liquidity) पर दबाव हो सकता है, यानी तत्काल देनदारियों को चुकाने के लिए वर्किंग कैपिटल की कमी की आशंका है। अच्छी बात यह है कि डेट सर्विस कवरेज रेशियो (DSCR) और इंटरेस्ट सर्विस कवरेज रेशियो (ISCR) स्वस्थ बने हुए हैं, जो क्रमशः 1.56/1.63 और 3.84/4.43 हैं। यह दर्शाता है कि कंपनी अपने कर्ज की किश्तें और ब्याज चुकाने में सक्षम है।
निवेशकों के लिए खास ऐलान:
- डिविडेंड (Dividend): बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹3.25 प्रति इक्विटी शेयर के दूसरे अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दे दी है।
- लोन का प्लान: कंपनी ने FY25-26 के दौरान कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) के लिए ₹32,000 करोड़ तक का उधार लेने की एक बड़ी योजना को हरी झंडी दे दी है।
- फंड जुटाना: कंपनी ने Q3 FY25-26 में नॉन-कनवर्टिबल सिक्योरिटीज (Non-Convertible Securities) के दो प्राइवेट प्लेसमेंट से ₹8,704 करोड़ भी सफलतापूर्वक जुटाए हैं।
- JV की हिस्सेदारी बेची: अपने पोर्टफोलियो को व्यवस्थित करने के लिए, Power Grid ने तीन जॉइंट वेंचर्स (JVs) - Torrent Power Grid Limited, Sikkim Power Transmission Limited, और Parbati Koldam Transmission Company Limited में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने की मंजूरी दे दी है।
- सब्सिडियरी का मर्जर (Merger): कंपनी ने अपनी कई व्होली-ओन्ड सब्सिडियरी (Wholly-owned Subsidiaries) के मर्जर (Amalgamation) की योजनाओं को भी मंजूरी दी है।
🚩 आगे क्या? (Outlook)
निवेशकों को कंपनी के बढ़ते कर्ज, खासकर ₹32,000 करोड़ के नए लोन प्लान के इस्तेमाल और उसके बैलेंस शीट पर असर पर बारीकी से नजर रखनी होगी। साथ ही, नौ महीनों में PAT में आई गिरावट के पीछे के कारणों को समझना भी महत्वपूर्ण होगा। JVs को बेचने के फैसले से कंपनी के ऑपरेशन्स को सुव्यवस्थित करने और कैपिटल जुटाने में मदद मिल सकती है। आने वाली तिमाहियों में Power Grid की कर्ज प्रबंधन (Debt Management) और वर्किंग कैपिटल साइकल (Working Capital Cycle) को सुधारने की क्षमता पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।