Petronet LNG: नतीजों का हाल और भविष्य की योजना
Petronet LNG Limited (PNPL) ने FY'26 की तीसरी तिमाही (Q3) के लिए अपने Operational Performance के नतीजे पेश किए हैं, जो काफी मजबूत दिख रहे हैं। कंपनी ने LNG volumes में 2% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की, जो कुल 233 TBTU रहा। सबसे अहम बात, इसके Dahej terminal का Use 94% तक पहुंचा, जबकि Kochi terminal ने 29% की रिकॉर्ड Capacity Utilisation हासिल की।
आंकड़ों की बात करें तो, Profit Before Tax (PBT) तिमाही-दर-तिमाही 6% बढ़कर ₹1,144 करोड़ रहा, और Profit After Tax (PAT) 5% की बढ़त के साथ ₹848 करोड़ तक पहुंच गया। हालांकि, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि ₹49 करोड़ के User Charges को Revenue के तौर पर दर्ज किया गया है, जो अभी तक Cash में नहीं बदले हैं, यह कुछ Customer Agreements से संभावित Short-term Cash Flow Lag का संकेत देता है।
Petrochemicals में बड़ा निवेश और Analysts के सवाल
Earnings के बाद हुए Analyst Call में, कंपनी के मैनेजमेंट ने Petrochemical में Diversification के अपने महत्वाकांक्षी प्लान पर जोर दिया। Dahej terminal को 22.5 MMTPA तक बढ़ाने का काम चल रहा है, जिसके मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। लेकिन, सबसे बड़ा फोकस FY27 के लिए तय किए गए ₹9,000 करोड़ के भारी-भरकम Capex पर रहा। Petrochemical प्रोजेक्ट के लिए कुल Approved Capex ₹20,685 करोड़ है। इसके अलावा, Kochi terminal जून 2026 तक Bangalore Pipeline के ज़रिए National Grid से जुड़ जाएगा, जिससे इसकी Utilisation बढ़ने की उम्मीद है।
हालांकि, कॉल के दौरान, मैनेजमेंट ने बार-बार "commercial sensitivity" का हवाला देते हुए नए प्रोजेक्ट्स की Profitability, Tariff Escalation Clauses और ONGC Ethane Contracts जैसे Details बताने से मना कर दिया। इस पारदर्शिता की कमी ने HSBC, Ambit, Dolat Capital, Morgan Stanley, Avendus Spark और ICICI Securities जैसे Analysts को सीधे सवाल पूछने पर मजबूर कर दिया कि इस नए, बड़े Petrochemical Venture से असल में कितना Profit होगा।
रिस्क फैक्टर और आगे का रास्ता
सबसे बड़ा Risk यही है कि कंपनी अपने नए Ventures, खासकर Petrochemical प्रोजेक्ट के Financial Terms का खुलासा नहीं कर रही है। यह भविष्य में Profitability को लेकर Uncertainty पैदा कर सकता है। साथ ही, ₹49 करोड़ के User Charges, जो अभी तक Cash में नहीं आए हैं, Cash Collection पर Close Watch रखने की ज़रूरत बताते हैं। Gopalpur terminal प्रोजेक्ट भी Environmental Clearances मिलने पर निर्भर है, जिसमें Delay का खतरा हो सकता है।
Strategically Analysis
Petronet LNG अपने Core LNG Regasification Business के अलावा, Petrochemicals में भारी निवेश करके एक नया Revenue Stream बनाने की राह पर है। FY27 के लिए आवंटित ₹9,000 करोड़ का Capex इस Ambition की गहराई को दिखाता है। अगर Petrochemical प्रोजेक्ट सफल होता है और Terminal Expansions समय पर पूरे हो जाते हैं, तो यह कंपनी के Long-term Growth और Profitability के लिए Game Changer साबित हो सकता है। 20 साल का Ras Gas SPA 2048 तक Regasification Operations को Stable आधार देता है। लेकिन, Project Economics पर साफ-सुथरी जानकारी का अभाव एक मुख्य चिंता का विषय है जिस पर Investors को Closer Look रखना होगा।
