Petronet LNG: दहेज प्लांट के लिए अमेरिका से प्रोपेन मंगाएगी कंपनी, सप्लाई रिस्क कम करने की बड़ी तैयारी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Petronet LNG: दहेज प्लांट के लिए अमेरिका से प्रोपेन मंगाएगी कंपनी, सप्लाई रिस्क कम करने की बड़ी तैयारी

Petronet LNG ने साल 2028 से शुरू होने वाली **1 मिलियन मीट्रिक टन** सालाना प्रोपेन सप्लाई के लिए टेंडर मंगाने की योजना बनाई है। यह कदम दहेज (गुजरात) में बन रहे नए पेट्रोकेमिकल प्लांट के लिए कच्चा माल सुरक्षित करने और वेस्ट एशियाई देशों पर निर्भरता घटाने के लिए उठाया गया है।

Petronet LNG अब प्रोपेन की स्थिर सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए एक औपचारिक टेंडर प्रक्रिया शुरू कर रही है। कंपनी का लक्ष्य 2028 के मध्य से डिलीवरी शुरू करना है। यह खरीद दहेज में निर्माणाधीन 750,000 टन प्रति वर्ष क्षमता वाले पेट्रोकेमिकल प्लांट के लिए जरूरी फीडस्टॉक (कच्चा माल) के तौर पर इस्तेमाल की जाएगी।

आपूर्ति में बड़ा बदलाव

भारतीय एनर्जी कंपनियां आमतौर पर वेस्ट एशिया से आयात पर निर्भर रहती हैं, लेकिन वहां जारी भू-राजनीतिक तनाव और अस्थिरता को देखते हुए कंपनी ने अपनी रणनीति बदली है। अब अमेरिका को टेंडर में शामिल कर कंपनी पर्शियन गल्फ में संभावित शिपिंग बाधाओं से बचने की कोशिश कर रही है।

इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार

अपने इस नए बिजनेस को संभालने के लिए, Petronet LNG दहेज में 3 मिलियन टन की कुल क्षमता वाले एथेन और प्रोपेन स्टोरेज फैसिलिटी का निर्माण कर रही है, जिसे 2028 तक पूरा किया जाना है। इस हब के जरिए कंपनी न केवल अपने प्लांट की जरूरतें पूरी करेगी, बल्कि सरप्लस फीडस्टॉक अन्य औद्योगिक खरीदारों को बेचकर अतिरिक्त रेवेन्यू भी कमा सकती है।

निवेशकों के लिए संकेत

निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि कंपनी का बिजनेस मॉडल अब 'यूटिलिटी-लाइक' रेगैसिफिकेशन से हटकर पेट्रोकेमिकल के अधिक जोखिम वाले क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है। पेट्रोकेमिकल सेक्टर की सफलता सीधे तौर पर प्रोपेन की कीमतों और तैयार माल की मांग पर निर्भर करेगी। फिलहाल, दहेज प्रोजेक्ट की प्रगति, टेंडर का नतीजा और मैनेजमेंट की भविष्य की गाइडेंस शेयरहोल्डर्स के लिए सबसे जरूरी 'मॉनिटरेबल्स' बने रहेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.