Petronet LNG ने अपने तिमाही नतीजों में **₹1,235 करोड़** का शानदार प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी का रेवेन्यू भले ही **35%** गिरा हो, लेकिन यह बिजनेस मॉडल में बदलाव के कारण है। निवेशकों के लिए **₹7** प्रति शेयर का डिविडेंड भी घोषित किया गया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट **6 नवंबर, 2026** है।
बिजनेस मॉडल में आया बड़ा बदलाव
कंपनी के रेवेन्यू में 35% की जो गिरावट ₹7,200 करोड़ के स्तर पर दिख रही है, उसके पीछे का कारण कंपनी का 'टॉलिंग' (Tolling) मॉडल की ओर शिफ्ट होना है। पहले कंपनी खुद गैस खरीदती और बेचती थी, जिससे रेवेन्यू का आंकड़ा बड़ा दिखता था। अब ग्राहक खुद गैस का इंतजाम कर रहे हैं और कंपनी केवल अपने टर्मिनल के इस्तेमाल के लिए चार्ज ले रही है। इससे रेवेन्यू भले ही कम दिखे, लेकिन कंपनी के मार्जिन अब गैस की कीमतों के उतार-चढ़ाव से कम प्रभावित होते हैं।
टर्मिनल का हाल
कंपनी का प्रमुख Dahej टर्मिनल 73% की क्षमता पर काम कर रहा है। ध्यान रहे कि इसकी कैपेसिटी हाल ही में बढ़ाकर 22.5 MMTPA कर दी गई है। वहीं, Kochi टर्मिनल के लिए स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। पाइपलाइन कनेक्टिविटी में देरी के कारण यह टर्मिनल लंबे समय से कंपनी के लिए एक अड़चन बना हुआ है और इसका इस्तेमाल काफी कम है।
रिस्क और आगे का रास्ता
ग्लोबल स्तर पर तनाव, खास तौर पर Hormuz Strait में चल रहे विवाद, कंपनी के LNG सप्लाई चेन के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। निवेशकों की नजर अब Kochi पाइपलाइन पर काम पूरा होने की समय-सीमा और मैनेजमेंट की आगे की कमेंट्री पर टिकी है। फिलहाल कंपनी का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च और मार्जिन को स्थिर रखने पर है। याद रखें, इस शेयर के लिए डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 6 नवंबर, 2026 है।
