Petronet LNG ने सितंबर तिमाही में **₹1,234.63 करोड़** का दमदार प्रॉफिट दर्ज किया है। ऑपरेशन्स से रेवेन्यू में गिरावट के बावजूद कंपनी ने खर्चों में कटौती कर मुनाफा बढ़ाया है। कंपनी ने **₹7** प्रति शेयर डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
मुनाफे का गणित और मार्जिन में सुधार
Petronet LNG के हालिया नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर 54% बढ़कर ₹1,234.63 करोड़ हो गया है। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी का रेवेन्यू 34.6% गिरकर ₹7,202.22 करोड़ पर रहा, फिर भी मुनाफा बढ़ा। इसकी मुख्य वजह कंपनी के खर्चों में हुई भारी गिरावट है। कुल खर्चों में 43.2% की कमी आई और मटेरियल कॉस्ट 45.5% घटकर ₹5,145.51 करोड़ रह गई। इसके चलते EBITDA मार्जिन 10.1% से सुधरकर 23.1% पर पहुंच गया है। इन नतीजों के बाद शेयर 3.96% चढ़कर ₹300.95 पर बंद हुआ।
ऑपरेशन्स पर कानूनी संकट के बादल
मुनाफा तो बढ़ा, लेकिन कंपनी के सामने ऑपरेशन्स से जुड़ी चुनौतियां भी कम नहीं हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका असर QatarEnergy LNG के साथ हुए समझौतों पर पड़ रहा है। कंपनी के तीन प्रमुख वेसल्स—दिशा, राही और असीम—फिलहाल ठप पड़े हैं। इस कारण वेसल मालिकों ने कंपनी पर ₹625.42 करोड़ का दावा ठोक दिया है, जिसे Petronet LNG कानूनी रूप से गलत बता रही है। साथ ही, ₹408.23 करोड़ के 'यूज़-ऑर-पे' (use-or-pay) बकाया को लेकर भी विवाद चल रहा है, जिसके लिए कंपनी ने ₹230.72 करोड़ का प्रोविजन किया है।
आगे की राह
निवेशकों के लिए अब इन कानूनी विवादों का निपटारा और सप्लाई चेन का सामान्य होना सबसे बड़ा मॉनिटरेबल (monitorable) पॉइंट है। कतर से एलएनजी सप्लाई की स्थिरता और आर्बिट्रेशन का नतीजा कंपनी के आगामी फाइनेंशियल ईयर के नतीजों पर सीधा असर डालेगा।
