Petronet LNG पर **₹625.42 करोड़** का आर्बिट्रेशन केस दर्ज हुआ है। मिडिल ईस्ट में समुद्री तनाव के कारण कंपनी के तीन LNG जहाज खाली खड़े हैं। कानूनी विवाद के बावजूद, कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नेट प्रॉफिट में **53%** की वृद्धि दर्ज की है और **₹7** प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया है।
कानूनी विवाद और चुनौतियां
Petronet LNG एक तरफ कानूनी लड़ाई तो दूसरी तरफ शानदार कमाई के बीच फंसी है। कंपनी को ₹625.42 करोड़ के आर्बिट्रेशन दावे का सामना करना पड़ रहा है, जो इसके तीन विशेष LNG जहाजों—'दिशा', 'राही' और 'असीम' से संबंधित है। मामला यह है कि मिडिल ईस्ट में तनाव और 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण ये जहाज 2 मार्च 2026 से ही बेकार खड़े हैं।
कंपनी ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि चार्टर एग्रीमेंट के तहत बकाया भुगतान की मांग निराधार है। इसी कारण, अनिश्चितता को देखते हुए कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट में इसके लिए कोई प्रोविजन नहीं किया है। निवेशकों के लिए यह कानूनी लड़ाई आगे चलकर कैश फ्लो पर असर डाल सकती है, इसलिए इस पर नजर रखना जरूरी है।
नतीजों की मजबूती
विवादों के बीच कंपनी की फाइनेंशियल रिपोर्ट ने सबको हैरान किया है। 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹1,235.40 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 53% अधिक है।
खास बात यह है कि रेवेन्यू में 34.6% की गिरावट आई और यह ₹7,200.35 करोड़ रहा, लेकिन इसके बावजूद प्रॉफिट में जबरदस्त उछाल दिखा। इसका मुख्य कारण मटेरियल कॉस्ट में 45.5% की भारी कटौती रही, जिससे कंपनी के मार्जिन में सुधार हुआ।
निवेशकों के लिए अपडेट
शेयर बाजार ने इन नतीजों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और यह लगभग ₹300.95 पर ट्रेड कर रहा है। निवेशकों को खुश करने के लिए कंपनी के बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए ₹7 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड भी घोषित किया है। भविष्य में ग्लोबल सप्लाई चेन में उतार-चढ़ाव और आर्बिट्रेशन का नतीजा ही इस स्टॉक की चाल तय करेंगे।
