Pace Digitek को BSES Rajdhani Power से **₹179.4 करोड़** का 12 साल का बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट मिला है। इससे कंपनी को हर साल **₹27.1 करोड़** की रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।
बड़ा कॉन्ट्रैक्ट और फिक्स्ड इनकम
Pace Digitek Limited ने दिल्ली में स्टैंडअलोन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम बनाने के लिए BSES Rajdhani Power Limited के साथ करार किया है। यह प्रोजेक्ट ₹179.4 करोड़ का है, जो 12 साल के 'बिल्ड, ओन, ऑपरेट और ट्रांसफर' मॉडल पर आधारित है। कंपनी को प्रति MW ₹47.05 लाख का फिक्स्ड टैरिफ मिलेगा, जिससे उन्हें सालाना ₹27.1 करोड़ की स्थिर कमाई सुनिश्चित होगी।
ऑर्डर बुक और कैपेसिटी विस्तार
कंपनी का एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में दबदबा बढ़ता जा रहा है। हाल ही में NTPC GE Power Services से मिले ₹488.6 करोड़ के ऑर्डर के बाद अब कुल एग्जीक्यूटेबल ऑर्डर बुक ₹11,300 करोड़ के पार पहुंच गई है। कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को अगस्त 2026 में 5 GWh तक बढ़ाया है और साल के अंत तक इसे 10 GWh तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।
वित्तीय मोर्चे पर चुनौतियां
शानदार ऑर्डर्स के बावजूद निवेशकों के लिए चिंता का विषय कंपनी का कैश फ्लो है। कंपनी के डेटर डेज (भुगतान मिलने का समय) 280 दिन से ऊपर निकल गए हैं। इसका मतलब है कि कागजों पर दिख रहा मुनाफा कैश में नहीं बदल रहा, जिससे ऑपरेटिंग कैश फ्लो नकारात्मक (Negative) बना हुआ है।
आगे का रास्ता
कंपनी 12 अक्टूबर 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग में नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए फंड जुटाने पर विचार करेगी। 8 अक्टूबर 2026 को शेयर का भाव ₹162 पर बंद हुआ था। फंड जुटाने से लिक्विडिटी तो मिलेगी, लेकिन साथ ही कंपनी पर कर्ज का बोझ भी बढ़ेगा, जिस पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
