प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 और 3 जनवरी को कोयला और खान मंत्रालयों की दो दिवसीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। चर्चाओं का मुख्य ध्यान 2030 तक कोयला उत्पादन को 1.5 बिलियन मीट्रिक टन तक बढ़ाना, खदानों की दक्षता में सुधार करना और राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन को आगे बढ़ाना होगा। मिशन में ई-कचरा और बैटरी स्क्रैप जैसे स्रोतों से महत्वपूर्ण खनिजों की रीसाइक्लिंग के लिए ₹1,500 करोड़ की प्रोत्साहन योजना भी शामिल है, जिसका उद्देश्य घरेलू आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना और आयात पर निर्भरता कम करना है।
प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा कदम: कोयला और खान मंत्रालय की समीक्षा से मिलेंगे भारी वृद्धि लक्ष्य और महत्वपूर्ण खनिजों की रणनीति!
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 और 3 जनवरी को कोयला और खान मंत्रालयों की दो दिवसीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। चर्चाओं का मुख्य ध्यान 2030 तक कोयला उत्पादन को 1.5 बिलियन मीट्रिक टन तक बढ़ाना, खदानों की दक्षता में सुधार करना और राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन को आगे बढ़ाना होगा। मिशन में ई-कचरा और बैटरी स्क्रैप जैसे स्रोतों से महत्वपूर्ण खनिजों की रीसाइक्लिंग के लिए ₹1,500 करोड़ की प्रोत्साहन योजना भी शामिल है, जिसका उद्देश्य घरेलू आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना और आयात पर निर्भरता कम करना है।
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