दमदार वित्तीय नतीजे
Orient Green Power Company Limited (OGPL) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों में अपने वित्तीय प्रदर्शन में ज़बरदस्त सुधार दिखाया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 54% बढ़कर ₹88.13 करोड़ पर पहुंच गया। इस शानदार उछाल का एक बड़ा कारण पूर्व लेंडर्स से एकमुश्त ब्याज रिफंड (one-time interest refund) का मिलना रहा। पिछले नौ महीनों में कंपनी की कुल आय 16% बढ़कर ₹268.95 करोड़ हो गई, जबकि EBITDA में 14% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹187.3 करोड़ रहा। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि बेहतर हवा की स्थिति, विंड टर्बाइनों की बढ़ी हुई एफिशिएंसी और फाइनेंस कॉस्ट में 20% से अधिक की कमी इसके पीछे मुख्य वजहें हैं। कंपनी की क्रेडिट रेटिंग 'BBB' तक बढ़ने और कर्ज चुकाने के प्रयासों ने भी इन लागतों को कम करने में मदद की।
तीसरी तिमाही (Q3 FY2026) की बात करें तो, कुल आय और EBITDA पिछले साल के मुकाबले लगभग समान रहे। हालांकि, कंपनी ने ₹18.16 करोड़ के लॉस बिफोर एक्सेप्शनल आइटम्स को 17% तक कम करने में कामयाबी हासिल की, जिसका मुख्य कारण कम ब्याज खर्च रहा।
1 GW क्षमता का लक्ष्य और विस्तार योजना
OGPL अपनी रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए तेजी से काम कर रही है। वर्तमान में कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता 389 MW है, जिसमें 382 MW विंड और 7 MW सोलर पावर शामिल है। कंपनी ने तीसरी तिमाही में 7 MW का एक सोलर प्रोजेक्ट भी चालू किया है। इसके अलावा, 28 MW की नई ग्रीनफील्ड क्षमता (18 MW सोलर, 10 MW विंड) के लिए कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर लिए गए हैं, जिसे फाइनेंशियल ईयर 2026 के अप्रैल-मई तक चालू करने का लक्ष्य है।
रणनीतिक रूप से, कंपनी तमिलनाडु में 6 MW की विंड रिपॉवरिंग प्रोजेक्ट भी शुरू कर रही है। यह राज्य की नई रिपॉवरिंग पॉलिसी के तहत पहला प्रोजेक्ट है। इस पॉलिसी से 20 साल से पुराने टर्बाइनों का जीवनकाल बढ़ाया जा सकता है, जिससे जमीन और ग्रिड के बेहतर उपयोग के साथ-साथ उन्हें विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट में बदलने का मौका भी मिलता है। मैनेजमेंट ने लगभग 45 MW पुरानी विंड क्षमता को रिपॉवरिंग के लिए उपयुक्त पाया है। इन विस्तार और रिपॉवरिंग पहलों से सालाना ₹36 करोड़ का अतिरिक्त EBITDA जुड़ने की उम्मीद है। OGPL 1 GW की कुल क्षमता तक पहुंचने के लक्ष्य के साथ ऑर्गेनिक एक्विजिशन की भी तलाश कर रही है।
कर्ज प्रबंधन और भविष्य की राह
कंपनी पर कुल कर्ज फिलहाल ₹507 करोड़ है, जिससे डेट-इक्विटी रेश्यो लगभग 2:1 है। रिफाइनेंसिंग के बाद, मिश्रित ब्याज लागत 9.15% है। 'BBB' रेटिंग अपग्रेड के बाद मैनेजमेंट लेंडर्स के साथ ब्याज दरों को और कम करने पर बातचीत कर रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में नई क्षमता के लिए लगभग ₹120 करोड़ का नया कर्ज लिया जा सकता है। फाइनेंशियल ईयर 2027 में 36 MW क्षमता के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) लगभग ₹240 करोड़ रहने का अनुमान है।
प्रमोटर शेयरहोल्डिंग और भरोसा
एक महत्वपूर्ण खबर यह भी है कि मैनेजमेंट ने मार्च 2026 के मध्य तक प्रमोटर होल्डिंग्स को अनप्लीज (unpledge) करने का लक्ष्य रखा है। यह कदम, अगर सफलतापूर्वक पूरा होता है, तो कंपनी की ओनरशिप स्ट्रक्चर को काफी हद तक डी-रिस्क करेगा और प्रमोटर्स के मजबूत विश्वास का संकेत देगा।
सेक्टर में स्थिति
भारतीय रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में Suzlon Energy और Inox Wind जैसी कंपनियां भी विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। वहीं, Adani Green Energy एक बड़ी खिलाड़ी है। OGPL की पुरानी विंड एसेट्स को रिपॉवर करने और हाइब्रिड प्रोजेक्ट विकसित करने की रणनीति इसे एक खास पहचान देती है।