कंपनी ने दी ज़रूरी सफाई
Onix Solar Energy Limited ने स्टॉक एक्सचेंजों को भेजी अपनी जानकारी में मीडिया में आ रही उन खबरों का खंडन किया है जिनमें महाराष्ट्र में सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए बैंक गारंटी में धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए थे। कंपनी ने साफ किया है कि इससे जुड़े किसी भी First Information Report (FIR) में उसका नाम आरोपी के तौर पर नहीं है।
कंपनी ने यह भी बताया कि जिन प्रोजेक्ट्स में तीसरे पक्ष (third-party entities) के माध्यम से काम किया जा रहा था, उनमें बैंक गारंटी को लेकर अगर कोई भी विसंगति पाई गई थी, तो उसे FIR दर्ज होने से पहले ही ठीक कर लिया गया था और नई, सही गारंटी को बदल दिया गया था।
ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं
Onix Solar Energy Limited ने जोर देकर कहा है कि इन सब डेवलपमेंट के बावजूद, कंपनी के मौजूदा बिजनेस ऑपरेशन्स और उसकी फाइनेंशियल पोजीशन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। कंपनी मैनेजमेंट संबंधित अधिकारियों के साथ जांच में पूरा सहयोग कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
असल में, हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई के इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग (EOW) ने कई कंपनियों के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की 'मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2.0' के तहत लगभग ₹122.85 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी जमा करने के आरोप में FIR दर्ज की थी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि कंपनियों ने पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPAs) हासिल करने के लिए नकली स्टैम्प और फर्जी ईमेल डोमेन का इस्तेमाल करके ये धोखाधड़ी वाले दस्तावेज तैयार किए। इसमें Onix IPP Pvt. Ltd. का नाम ₹11.25 करोड़ की बैंक गारंटी से और Onix Renewable Limited का नाम ₹13.65 करोड़ की बैंक गारंटी से जुड़ा है। Onix Solar Energy Limited ने खुद स्वीकार किया है कि ये प्रोजेक्ट्स मूल रूप से थर्ड-पार्टी एंटिटीज के ज़रिए शुरू किए गए थे।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
कंपनी की यह सफाई निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह गंभीर आरोपों पर सीधे कंपनी का पक्ष रखती है। यह स्पष्ट करता है कि कंपनी सीधे तौर पर FIR में आरोपी नहीं है, हालांकि उससे जुड़ी कुछ संस्थाएं जांच के दायरे में हैं। इससे बिजनेस में किसी बड़े रुकावट की चिंता कम होती है।
आगे क्या देखना होगा?
- जांच की प्रगति: EOW की जांच के नतीजों और उसमें निकलने वाली नई जानकारियों पर नजर रखनी होगी।
- साख पर असर: भले ही कंपनी पर सीधा आरोप न हो, पर संबंधित कंपनियों के नाम आने से निवेशक की धारणा पर थोड़ा असर पड़ सकता है।
- थर्ड-पार्टी रिस्क: प्रोजेक्ट्स के लिए तीसरे पक्ष पर निर्भरता के अपने रिस्क होते हैं, जो इस मामले में सामने आए हैं।
- फाइनेंशियल परफॉरमेंस: यह ध्यान रखना होगा कि कंपनी ने Q3 FY26 में अपने रेवेन्यू में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 72% की बड़ी गिरावट दर्ज की थी, जो कि ₹161 मिलियन पर आ गया था।