Oil India Limited (OIL) ने वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए ₹1,436 करोड़ का मुनाफा घोषित किया है, जो पिछले साल की समान तिमाही के नतीजों के बराबर रहा। कच्चे तेल की कीमतों में 17.16% की गिरावट आई, जो औसतन $62.84 प्रति बैरल रहा। कंपनी की कंसोलिडेटेड आय भी ₹9,111 करोड़ पर पिछले साल के स्तर पर बनी रही। हालाँकि, यह स्थिरता कंपनी के भीतर अलग-अलग प्रदर्शनों और भविष्य के बड़े निवेशों को दर्शाती है।
सब्सिडियरी NRL का दमदार प्रदर्शन
कंसोलिडेटेड आंकड़े स्थिरता दिखा रहे हैं, लेकिन सहायक कंपनी Numaligarh Refinery Limited (NRL) का प्रदर्शन असाधारण रहा। Q3 FY26 में NRL का मुनाफा बढ़कर ₹867 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹385 करोड़ से काफी अधिक है। यह वृद्धि उसके ग्रॉस रिफाइनरी मार्जिन (GRM) में 54% की तिमाही-दर-तिमाही बढ़ोतरी के कारण हुई, जो $16.27 प्रति बैरल (बिना एक्साइज ड्यूटी के) रहा। यह NRL की बढ़ती ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बावजूद रिफाइनिंग मार्जिन का फायदा उठाने की क्षमता को दर्शाता है।
पैरेंट कंपनी पर लागत का असर
वहीं, Oil India Limited के स्टैंडअलोन ऑपरेशनल रेवेन्यू तिमाही में ₹4,916 करोड़ रहे। 9 महीनों (9MFY26) के आंकड़ों के अनुसार, रेवेन्यू ₹27,036.78 करोड़ और PAT ₹5,126.21 करोड़ रहा। कंपनी का 9-महीने का EPS ₹16.39 प्रति शेयर था। कंपनी को कच्चे तेल की कम दरों के साथ-साथ अन्वेषण (Exploration) लागत में बढ़ोत्तरी और सूखे कुओं (Dry Wells) के राइट-ऑफ (Write-offs) से भी चुनौती का सामना करना पड़ा।
बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी
OIL अपनी विकास की राह पर आक्रामक तरीके से आगे बढ़ रही है, जिसमें अपस्ट्रीम, मिडस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम एग्जीक्यूशन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। महत्वपूर्ण मिडस्ट्रीम प्रोजेक्ट्स पूरे होने वाले हैं: Numaligarh-Siliguri प्रोडक्ट पाइपलाइन एक्सपेंशन का मैकेनिकल काम पूरा हो गया है, और Duliajan-Numaligarh पाइपलाइन एक्सपेंशन को अप्रैल 2026 तक शुरू करने की उम्मीद है। महत्वपूर्ण Paradip-Numaligarh Crude Oil Pipeline पर भी काम तेजी से चल रहा है, जिसमें लगभग 90% फिजिकल प्रोग्रेस हो चुकी है।
रिफाइनरी विस्तार और उत्पादन लक्ष्य
NRL की फ्लैगशिप रिफाइनरी क्षमता को 3 मिलियन टन प्रति वर्ष (MMTPA) से बढ़ाकर 9 MMTPA करने का प्रोजेक्ट एक बड़ा कदम है। इसके मुख्य यूनिट्स का इंस्टॉलेशन चल रहा है और Q4 FY26 के अंत तक इसे स्टेबल करने की उम्मीद है। यह महत्वपूर्ण विस्तार OIL का डाउनस्ट्रीम ग्रोथ पर एक बड़ा दांव है। इन डाउनस्ट्रीम क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए, OIL उत्पादन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित कर रही है। कंपनी FY26 में 75 से अधिक कुएं (जो अब तक का सबसे अधिक है) खोदने का लक्ष्य रखती है और FY27 के लिए 100 कुएं खोदने की योजना है। कच्चे तेल का उत्पादन FY27 में 3.8 मिलियन टन (MMT) और FY28 में 4.0 MMT तक पहुंचने का अनुमान है। कुल उत्पादन FY27 में 7.5 मिलियन टन ऑयल इक्विवेलेंट (MMTOE) तक पहुंचने और FY28 तक 8.5 MMTOE का लक्ष्य रखने की उम्मीद है, हालांकि यह गैस निकासी (Gas Evacuation) इंफ्रास्ट्रक्चर की पर्याप्त उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
कैपिटल एक्सपेंडिचर और कर्ज
OIL की विकास योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) की जरूरत है। FY26 के लिए स्टैंडअलोन Capex गाइडेंस को ऊपर की ओर संशोधित किया गया है, और FY27 और FY28 के लिए हर साल लगभग ₹9,200 करोड़ से अधिक का अनुमान है। अकेले NRL का Capex FY26 के लिए ₹8,000 करोड़ होने का अनुमान है, और इसके कुल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट्स पर लगभग ₹45,000 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इन आक्रामक Capex और मौजूदा देनदारियों के कारण, ₹34,000 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट डेब्ट है। अकेले NRL पर लगभग ₹16,000 करोड़ का कर्ज है, जो वर्तमान प्रोजेक्ट्स के बाद बढ़कर ₹25,000-26,000 करोड़ होने का अनुमान है।
अन्वेषण लागत में वृद्धि
एक महत्वपूर्ण बात अन्वेषण (Exploration) खर्चों में हुई वृद्धि है। 9MFY26 के लिए सीस्मिक और सर्वे की लागत ₹1,151 करोड़ थी, जो पिछले अवधियों की तुलना में एक महत्वपूर्ण उछाल है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि सूखे कुओं (Dry Wells) के राइट-ऑफ (Write-offs) 9MFY26 में लगभग ₹2,000 करोड़ थे, जो पूरे FY25 के लगभग ₹650 करोड़ की तुलना में काफी अधिक है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि ये राइट-ऑफ भारतीय लेखा मानकों (Ind AS) के अनुपालन में हैं और अन्वेषण और विकास गतिविधियों में बढ़ोत्तरी को दर्शाते हैं, जिसमें अधिक गहराई तक ड्रिलिंग शामिल है। भविष्य के विकास के लिए यह आवश्यक होने के बावजूद, यह अल्पावधि में रिपोर्ट किए गए मुनाफे को प्रभावित करता है।
रणनीतिक निवेश और डिविडेंड
कंपनी BPCL के आगामी आंध्र प्रदेश रिफाइनरी प्रोजेक्ट में 10% हिस्सेदारी खरीदने की भी योजना बना रही है। OIL ने Q3 FY26 के लिए ₹7 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) घोषित किया है, जिससे 9MFY26 के लिए कुल अंतरिम डिविडेंड ₹10.5 प्रति शेयर हो गया है।
भविष्य का दृष्टिकोण और जोखिम
भविष्य को देखते हुए, OIL की रणनीति तकनीकी एग्जीक्यूशन और प्रोजेक्ट अनुशासन पर केंद्रित है। कंपनी अपने विस्तार पहलों के माध्यम से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। मुख्य चुनौतियों में उत्पादन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त गैस निकासी क्षमता सुनिश्चित करना और कच्चे तेल की कीमतों की अस्थिरता को संभालना शामिल है। निवेशकों की निगाहें प्रमुख पाइपलाइनों के चालू होने, विस्तारित NRL रिफाइनरी के स्थिरीकरण और गैस निकासी की बाधाओं को दूर करने के लिए उठाए गए ठोस कदमों पर रहेगी।