सरकारी कंपनी Oil India का करीब **$30 करोड़** का डिविडेंड रूस में फंस गया है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण अटकी इस रकम को निकालने के लिए कंपनी लगातार कोशिश कर रही है, साथ ही घरेलू मोर्चे पर बड़े विस्तार की योजनाएं भी तेज कर दी हैं।
रूस में फंसी पूंजी का संकट
Oil India के लिए इस समय रूस में फंसा हुआ $30 करोड़ का डिविडेंड एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। यह रकम रूस में कंपनी की हिस्सेदारी वाले अपस्ट्रीम एसेट्स (Upstream Assets) से आई थी, जो यूक्रेन युद्ध के बाद लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण मॉस्को स्थित State Bank of India की शाखा में अटक गई है। कंपनी मैनेजमेंट ने शेयरधारकों को भरोसा दिलाया है कि वे समाधान निकालने की दिशा में काम कर रहे हैं, हालांकि फिलहाल इसके लिए कोई ठोस तरीका साझा नहीं किया गया है।
यह फंसी हुई पूंजी JSC Vankorneft और Tass Yuryakh Neftegazodobycha जैसे प्रोजेक्ट्स से जुड़ी है। निवेशकों के लिए यह स्थिति विदेशी निवेश में आने वाले भू-राजनीतिक जोखिमों (Geopolitical Risks) की ओर इशारा करती है।
भारत में विस्तार पर बड़ा दांव
अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बीच कंपनी का ध्यान अपने घरेलू ऑपरेशंस पर बना हुआ है। असम में स्थित Numaligarh Refinery में एक नया यूनिट तैयार किया जा रहा है, जिसकी प्रोसेसिंग क्षमता 1,20,000 बैरल प्रति दिन होगी। इसके चालू होने के बाद रिफाइनरी की कुल क्षमता 1,80,000 बैरल प्रति दिन तक पहुंच जाएगी।
कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए ओडिशा के Paradip पोर्ट से असम तक 1,635 किलोमीटर लंबी क्रूड ऑयल पाइपलाइन बिछा रही है, जिसे 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। साथ ही, कंपनी ने Gabon और Bangladesh के एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट्स से बाहर निकलने का फैसला किया है, ताकि अपना ध्यान मुख्य ऑपरेशंस पर केंद्रित कर सके। हालांकि, बांग्लादेश को डीजल का निर्यात बिना किसी बाधा के जारी है।
