US से मिले नए सेंक्शन्स वेवर के बाद ONGC Videsh ने वेनेजुएला में अपने ऑयल फील्ड्स के मूल्यांकन के लिए एक टीम भेजी है। कंपनी का लक्ष्य **$500 मिलियन** के अटके हुए डिविडेंड की रिकवरी करना और प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए मुख्य ऑपरेटर की भूमिका में आना है।
वेनेजुएला में नई शुरुआत की तैयारी
Oil & Natural Gas Corp (ONGC) की इंटरनेशनल विंग, ONGC Videsh Ltd (OVL) ने वेनेजुएला में अपने ऑपरेशन्स को दोबारा रफ्तार देने के लिए बड़ी पहल की है। 1 सितंबर, 2026 को कंपनी की एक टीम साइट विजिट के लिए वेनेजुएला पहुंची। यह कदम जुलाई 2026 में US के Office of Foreign Assets Control (OFAC) से मिले लाइसेंस के बाद उठाया गया है, जिसने पिछले प्रतिबंधों में ढील दी है।
ऑपरेटर बनने की योजना
सालों तक San Cristobal फील्ड और Carabobo-1 प्रोजेक्ट्स अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण दिक्कतों का सामना कर रहे थे। अब मैनेजमेंट एक पैसिव फाइनेंशियल पार्टनर की भूमिका से निकलकर 'लीड ऑपरेटर' बनने की तैयारी में है। इससे न केवल प्रोडक्शन वॉल्यूम में इजाफा होगा, बल्कि भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए एक भरोसेमंद सप्लाई भी सुनिश्चित हो सकेगी।
निवेश और फाइनेंशियल लक्ष्य
कंपनी के सामने फिलहाल दो मुख्य लक्ष्य हैं। पहला, पिछले प्रतिबंधों के कारण फंसे $500 मिलियन से अधिक के डिविडेंड को रिकवर करना। दूसरा, San Cristobal फील्ड की रिहैबिलिटेशन के लिए करीब $200 मिलियन का नया निवेश करने की योजना है। कंपनी का मानना है कि खुद ऑपरेटर बनने से वे अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का बेहतर इस्तेमाल कर पाएंगे।
निवेशकों के लिए सावधानी
18 अगस्त, 2026 को NSE और BSE को दी गई जानकारी में कंपनी ने साफ कर दिया है कि अभी बातचीत शुरुआती दौर में है और फिलहाल कोई तुरंत फाइनेंशियल या ऑपरेशनल असर नहीं दिखेगा। वेनेजुएला में ऑपरेशनल परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने के लिए भारी काम की जरूरत है। निवेशकों को सलाह है कि वे इन बातचीत के नतीजों और निवेश की टाइमलाइन पर बारीकी से नजर रखें, क्योंकि भू-राजनीतिक (geopolitical) हालात किसी भी वक्त प्रोजेक्ट को प्रभावित कर सकते हैं।
