ONGC के शेयर में तूफानी तेजी! ब्रोकरेज ने ₹290 का टारगेट दिया, मुनाफे में 112% का उछाल

ENERGY
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
ONGC के शेयर में तूफानी तेजी! ब्रोकरेज ने ₹290 का टारगेट दिया, मुनाफे में 112% का उछाल

Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है! ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने ONGC के शेयर को 'Buy' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹290 रखा है। यह रेटिंग कंपनी के जून तिमाही के शानदार नतीजों के बाद आई है, जिसमें नेट प्रॉफिट में **112%** का जबरदस्त उछाल देखा गया।

ONGC के मुनाफे में क्यों आया इतना उछाल?

ONGC ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में दमदार प्रदर्शन करते हुए ₹17,034 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 112% ज्यादा है। कंपनी का रेवेन्यू भी 45.2% बढ़कर ₹46,460 करोड़ पर पहुंच गया। इस शानदार मुनाफे का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी है। कंपनी को औसतन $99.45 प्रति बैरल का भाव मिला, जो पिछले साल से 50.4% ज्यादा है।

प्रोडक्शन वॉल्यूम में आई गिरावट?

हालांकि, कंपनी के ऑपरेशनल नंबर्स पर नजर डालें तो कच्चे तेल और नेचुरल गैस के प्रोडक्शन वॉल्यूम में थोड़ी गिरावट देखी गई है। कंपनी ने इसके पीछे रिजर्वोयर की जटिलताओं (reservoir complexities) और प्रोजेक्ट्स से जुड़े नियोजित शटडाउन को वजह बताया है। इसका मतलब है कि मुनाफा प्रोडक्शन बढ़ाने के बजाय बढ़ी हुई कीमतों के कारण बढ़ा है।

आगे क्या है ONGC की प्लानिंग?

इस वॉल्यूम की चुनौती से निपटने के लिए ONGC मैनेजमेंट ने एक प्रोडक्शन रोडमैप तैयार किया है। कंपनी चालू फाइनेंशियल ईयर में स्टैंडअलोन प्रोडक्शन को 39 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) तक ले जाने का लक्ष्य रख रही है, और अगले साल इसे 40 MMT तक पहुंचाने की योजना है। इसके लिए ऑफशोर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। Motilal Oswal ने अपने 6.5x के अर्निंग मल्टीपल के आधार पर ONGC का वैल्यूएशन किया है।

निवेशकों के लिए रिस्क फैक्टर

ब्रोकरेज का भरोसा तो है, लेकिन निवेशकों को कुछ बातों पर ध्यान देना चाहिए:

  • प्रोडक्शन ग्रोथ: क्या कंपनी अपने प्रोडक्शन टारगेट को हासिल कर पाएगी? KG-DWN-98/2 जैसे प्रोजेक्ट्स में देरी या टेक्निकल दिक्कतें वॉल्यूम पर असर डाल सकती हैं।
  • कच्चे तेल की कीमतें: ONGC का मुनाफा सीधे तौर पर ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों पर निर्भर करता है। अगर कीमतों में भारी गिरावट आई तो कंपनी के मुनाफे पर सीधा असर पड़ेगा।
  • सब्सिडियरी का दबाव: ONGC की सब्सिडियरी जैसे HPCL को अंडर-रिकवरी (कम कीमत पर प्रोडक्ट बेचने) का सामना करना पड़ सकता है, जो ग्रुप की कंसोलिडेटेड परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकता है।

कुल मिलाकर, निवेशकों को ONGC की प्रोडक्शन ग्रोथ प्लानिंग और कीमतों की अस्थिरता पर बारीकी से नजर रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.