Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) के शेयरों में आज **2.01%** की तेजी देखी गई, भाव **₹252.26** पर पहुँच गया। कंपनी ने अपने सालाना नेट प्रॉफिट में **25.47%** का जबरदस्त इजाफा दर्ज कर **₹46,791.19 करोड़** का मुनाफा कमाया है। हालांकि, तिमाही नतीजों में प्रॉफिट कम होने से निवेशकों की नज़र अब भविष्य की प्रोडक्शन और खर्चों पर रहेगी।
ONGC के सालाना नतीजों का लेखा-जोखा
Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) के शेयर सोमवार को 2.01% चढ़कर ₹252.26 पर कारोबार करते दिखे। यह तेजी कंपनी की ओर से मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजों के बाद आई है। सालाना आधार पर कंपनी ने तगड़ा ग्रोथ दिखाया है, हालांकि आखिरी तिमाही में प्रदर्शन थोड़ा धीमा रहा।
सालाना ग्रोथ और तिमाही चुनौतियाँ
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, ONGC का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹46,791.19 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹37,293.02 करोड़ की तुलना में 25.47% ज्यादा है। इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू 8.19% बढ़कर ₹662,247.32 करोड़ हो गया। प्रति शेयर आय (Earnings per share) भी 14.34% बढ़कर ₹32.93 दर्ज की गई।
लेकिन, मार्च 2026 की तिमाही के नतीजे थोड़ा अलग तस्वीर पेश करते हैं। दिसंबर 2025 की तिमाही की तुलना में, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 3.81% का इजाफा होकर यह ₹173,805.19 करोड़ हुआ, लेकिन नेट प्रॉफिट 8.14% गिरकर ₹10,884.95 करोड़ पर आ गया। मुनाफे में आई इस गिरावट से निवेशकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू उत्पादन लागत का कंपनी के मार्जिन पर क्या असर पड़ेगा।
बैलेंस शीट और कैपिटल एलोकेशन
कंपनी की बैलेंस शीट में लगातार कैपिटल इंटेंसिटी (पूंजी की ज़रूरत) दिख रही है। मार्च 2026 के अंत तक टोटल लायबिलिटीज़ (कुल देनदारियां) 4.37% बढ़कर ₹791,905 करोड़ हो गईं, जबकि फिक्स्ड एसेट्स (स्थिर संपत्ति) में 1.99% का इजाफा हुआ। कैश फ्लो पैटर्न में एक अहम बदलाव देखा गया; जहाँ ऑपरेशन्स से कैश फ्लो 23.01% बढ़कर ₹112,719 करोड़ हुआ, वहीं कंपनी ने इन्वेस्टिंग और फाइनेंसिंग एक्टिविटीज पर खर्चों में काफी बढ़ोतरी की। इन आउटफ्लोज़ के कारण साल के लिए ₹1,030 करोड़ का नेट कैश आउटफ्लो हुआ, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के मामूली इनफ्लो से एक बड़ा बदलाव है।
स्ट्रेटेजिक अपडेट्स और निगरानी
ONGC अपने मुख्य तेल और गैस ऑपरेशन्स के अलावा भी काफी सक्रिय रही है। हाल ही में कंपनी ने लद्दाख के पुगा में दो डीप जियोथर्मल कुएं (deep geothermal wells) पूरे किए हैं, जो वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने के उसके प्रयासों को दर्शाता है। निवेशक 1 जुलाई, 2026 को हुई मैनेजमेंट में बदलाव और 16 जुलाई, 2026 की क्रेडिट रेटिंग अपडेट की भी समीक्षा कर रहे हैं। कंपनी के लगातार डिविडेंड (dividend) देने के इतिहास को देखते हुए, जैसे कि फरवरी 2026 में घोषित ₹6.25 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड, शेयरधारकों का मुख्य फोकस कैपिटल प्रोजेक्ट्स पर बढ़ते खर्च के बीच प्रॉफिट मार्जिन की स्थिरता पर बना हुआ है। बाजार के लिए अगली महत्वपूर्ण अपडेट मैनेजमेंट की ओर से प्रोडक्शन टारगेट और इन नई ऊर्जा और अन्वेषण निवेशों पर अपेक्षित रिटर्न को लेकर आएगी।
