ONGC Share: ₹271 पर भाव, 2% भागा शेयर! ब्रोकरेज ने दी 'BUY' रेटिंग, पर ये रिस्क भी जान लें!

ENERGY
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
ONGC Share: ₹271 पर भाव, 2% भागा शेयर! ब्रोकरेज ने दी 'BUY' रेटिंग, पर ये रिस्क भी जान लें!
Overview

ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ONGC) के शेयर **16 फरवरी** को **2%** से ज्यादा चढ़ गए। यह उछाल ब्रोकरेज हाउस CLSA और Jefferies की 'BUY' रेटिंग और कंपनी के दिसंबर तिमाही के दमदार नतीजों के बाद आया। ONGC ने **23%** की नेट प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की, जिसे भविष्य में प्रोडक्शन बढ़ने की उम्मीदों का सहारा मिला है। हालांकि, कैपिटल एलोकेशन की चिंताएं और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता जैसे जोखिमों को भी समझना जरूरी है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

नतीजों का बूस्टर और प्रोडक्शन की उम्मीदें

ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ONGC) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की दिसंबर तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 23% बढ़कर ₹11,946 करोड़ हो गया। वहीं, ग्रॉस रेवेन्यू लगभग ₹1.67 लाख करोड़ पर स्थिर रहा। इन नतीजों के बाद, ब्रोकरेज हाउस CLSA और Jefferies ने ONGC पर अपना पॉजिटिव रुख बनाए रखा है। CLSA के अनुसार, ONGC का स्टैंडअलोन EBITDA अनुमान से 3% ज्यादा रहा, हालांकि नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 1% कम रहा। एनालिस्ट्स का भरोसा उत्पादन बढ़ने की उम्मीदों से भी मजबूत हुआ है। कंपनी को अगले 2 से 4 महीनों में पूर्वी अपतटीय गैस क्षेत्रों और दमन प्रोजेक्ट से प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है। ONGC का अनुमान है कि इससे फाइनेंशियल ईयर 2027 के अंत तक घरेलू गैस उत्पादन 15% से ज्यादा बढ़ सकता है। मुंबई हाई फील्ड में भी ब्रिटिश पेट्रोलियम के साथ सर्विस कॉन्ट्रैक्ट के तहत ऑपरेशनल सुधारों से आउटपुट में बढ़ोतरी देखी जा रही है। CLSA को उम्मीद है कि डिविडेंड पेमेंट बढ़कर 50% के करीब पहुंच सकता है, जो कई सालों का हाई होगा। कंपनी का मैनेजमेंट कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) रन रेट को यथावत बनाए रखने की उम्मीद कर रहा है।

वैल्यूएशन और पीयर कंपेरिजन

16 फरवरी 2026 तक, ONGC का मार्केट कैप लगभग ₹3.5 लाख करोड़ था और शेयर ₹271 के करीब ट्रेड कर रहे थे, जो 52-हफ्ते के हाई के करीब है। CLSA ने ₹315 और Jefferies ने ₹325 का टारगेट प्राइस दिया है, जो क्रमशः 14% और 16.62% की बढ़ोतरी का संकेत देता है। हालांकि, ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, एनालिस्ट्स का औसत अनुमान थोड़ा कम है। 12 महीने का मीडियन टारगेट प्राइस ₹283.9 है, जिसका मतलब है कि मौजूदा स्तरों से केवल 5% का पोटेंशियल गेन है। 61% एनालिस्ट्स 'Buy' रेटिंग बनाए हुए हैं। ONGC का ट्रेलिंग 12-महीने का P/E रेश्यो 8-10x के आसपास है, और इसका RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) न्यूट्रल से थोड़ा बुलिश मोमेंटम दिखा रहा है। दूसरी ओर, रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) अपने डायवर्सिफाइड बिजनेस मॉडल के कारण 25-30x के P/E पर ट्रेड कर रही है। वहीं, डायरेक्ट पीयर ऑयल इंडिया लिमिटेड (Oil India Ltd) 6-8x के तुलनात्मक या कम P/E पर ट्रेड कर रही है। ONGC का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो लगभग 0.3-0.4 है, जो रिलायंस इंडस्ट्रीज (0.5-0.7) की तुलना में मैनेजेबल है, लेकिन ऑयल इंडिया (0.2-0.3) से थोड़ा ज्यादा है। पिछले एक साल में स्टॉक ने 16% का रिटर्न दिया है, जो पॉजिटिव सेंटीमेंट दिखाता है, लेकिन इन वैल्यूएशन मेट्रिक्स के मुकाबले सावधानी से पोजीशनिंग की जरूरत है।

⚠️ ब्रोकरेज की चिंताएं और जोखिम

Jefferies ने ONGC के कैपिटल एलोकेशन (पूंजी आवंटन) को लेकर चिंता जताई है, खासकर अगर कंपनी नई रिफाइनिंग क्षमता में निवेश करती है। ऐसे विस्तार में बड़े पैमाने पर पूंजी लगेगी, जिससे बैलेंस शीट पर दबाव पड़ सकता है और एग्जीक्यूशन (कार्यन्वयन) में चुनौतियां आ सकती हैं, जिनका पूरी तरह से मौजूदा वैल्यूएशन में हिसाब नहीं लगाया गया है। ONGC का डेट लेवल कुछ डायवर्सिफाइड कंपनियों से कम है, लेकिन किसी भी बड़े नए प्रोजेक्ट से यह स्थिति बदल सकती है और फाइनेंशियल लीवरेज बढ़ सकता है। भविष्य में प्रोडक्शन ग्रोथ की स्थिरता पूरी तरह से महत्वाकांक्षी विस्तार योजनाओं के सफल और समय पर पूरा होने पर निर्भर करती है; किसी भी देरी या लागत बढ़ने से अनुमानित मुनाफे पर सीधा असर पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी की कमाई ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बनी हुई है, जैसा कि Jefferies के फाइनेंशियल ईयर 2027 के अनुमानों में नरम मूल्य धारणा के कारण हुए समायोजन से पता चलता है। हालांकि ONGC के टॉप मैनेजमेंट के खिलाफ हालिया किसी बड़े विवाद या आरोप की कोई प्रमुख जानकारी नहीं मिली है, लेकिन बड़े एनर्जी प्रोजेक्ट्स से जुड़े ऑपरेशनल जोखिम, इंटीग्रेटेड प्लेयर्स से प्रतिस्पर्धा और कमोडिटी प्राइस वोलेटिलिटी (अस्थिरता) लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं।

आगे का रास्ता

ONGC का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी कितनी कुशलता से नए प्रोडक्शन सोर्स को चालू करती है और अपनी पूंजी का समझदारी से आवंटन करती है। फाइनेंशियल ईयर 2027 तक घरेलू गैस उत्पादन में 15% की अनुमानित वृद्धि एक महत्वपूर्ण डेवलपमेंट है जिस पर निवेशक बारीकी से नजर रखेंगे। हालांकि, रिफाइनिंग में विस्तार जैसे रणनीतिक फैसले नई जटिलताएं और पूंजी की मांगें ला सकते हैं। एनालिस्ट्स का वर्तमान पॉजिटिव अनुमान भी इन अंतर्निहित जोखिमों को स्वीकार करता है, जिसमें मीडियन टारगेट प्राइस सीमित तत्काल अपसाइड का संकेत दे रहा है। आने वाली तिमाहियों में कंपनी का प्रदर्शन प्रोडक्शन टारगेट को पूरा करने, कच्चे तेल के बाजार की अस्थिरता से निपटने और कैपिटल इन्वेस्टमेंट के प्रति अनुशासित दृष्टिकोण बनाए रखने की उसकी क्षमता पर निर्भर करेगा।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.