ONGC ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **57%** बढ़कर **₹15,489 करोड़** पहुंच गया है, साथ ही कंपनी ने निवेशकों के लिए **₹8** प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया है।
मुनाफे में बड़ी बढ़त और डिविडेंड का तोहफा
ONGC ने जुलाई-सितंबर तिमाही में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपना नेट प्रॉफिट 57.3% सालाना आधार पर बढ़ाकर ₹15,489 करोड़ दर्ज किया है। कंपनी की ऑपरेटिंग रेवेन्यू भी 32.8% बढ़कर ₹43,875 करोड़ हो गई है। क्रूड ऑयल की बेहतर कीमतों और कमजोर रुपये का फायदा कंपनी के नतीजों में साफ दिख रहा है। निवेशकों को खुश करने के लिए बोर्ड ने ₹8 प्रति शेयर के इंटरिम डिविडेंड की घोषणा की है, जो कंपनी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा पेआउट (₹10,064 करोड़) है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 12 नवंबर, 2026 तय की गई है।
क्यों गिरे शेयर?
इतने शानदार आंकड़ों के बावजूद, मार्केट का मूड कुछ नरम रहा। 5 नवंबर, 2026 को कंपनी का शेयर 2.13% गिरकर ₹230 पर बंद हुआ। इसके पीछे मुख्य वजह तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर प्रॉफिट और रेवेन्यू में आई गिरावट है, जिससे निवेशकों को सतर्कता बरतने की सलाह मिल रही है।
उत्पादन से जुड़ी चुनौतियां
कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती उत्पादन (Production) को लेकर है। KG-98/2 एसेट में तकनीकी दिक्कतें, भारी मानसून और पाइपलाइन प्रोजेक्ट में देरी के चलते ऑयल और गैस उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी का सारा फोकस अब इन बाधाओं को दूर करने पर है ताकि भविष्य में आउटपुट को बढ़ाया जा सके। इसके अलावा, कंपनी अपनी ओवरसीज आर्म 'ONGC Videsh' के लिए ₹10,000 करोड़ के लोन को भी मंजूरी दी है, ताकि इंटरनेशनल एक्सपेंशन को रफ्तार मिल सके।
