ONGC के अहम प्रोजेक्ट से शुरू हुई गैस प्रोडक्शन!
ONGC ने अपने Daman Upside Development Project (DUDP) से 29 मार्च 2026 को गैस का प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। अब प्लेटफ़ॉर्म B-12-24P से हजीरा प्लांट (Hazira Plant) तक गैस पहुंचनी शुरू हो गई है। यह 1 अरब डॉलर का प्रोजेक्ट दो साल से भी कम समय में पूरा हुआ, जो कंपनी की कुशल एग्जीक्यूशन क्षमता को दर्शाता है। ONGC का अनुमान है कि DUDP और अन्य नए फील्ड्स, खासकर ऑफशोर एसेट्स से उत्पादन बढ़ेगा।
टैक्स से राहत और विश्लेषकों का भरोसा
विश्लेषक ONGC और Oil India को लेकर काफी पॉजिटिव हैं, जिसका मुख्य कारण इनका मजबूत डोमेस्टिक मार्केट शेयर और रिजर्व्स है। इस उम्मीद की एक बड़ी वजह भारतीय सरकार का घरेलू कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स (windfall tax) न लगाने का फैसला है। जनवरी 2025 में ऑयलफील्ड्स रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट अमेंडमेंट एक्ट (Oilfields Regulation and Development Amendment Act) में हुए संशोधनों के बाद इस नियमक स्पष्टता (regulatory clarity) ने प्रोड्यूसर्स के लिए एक बड़ी चिंता दूर कर दी है। JM Financial जैसी ब्रोकरेज फर्म्स का कहना है कि कंपनियां फिलहाल ₹65 प्रति बैरल के आसपास नेट क्रूड रियलाइजेशन (net crude realization) पर काम कर रही हैं, जो रूस-यूक्रेन संकट के बाद के स्तरों से काफी कम है। उनका अनुमान है कि क्रूड रियलाइजेशन में 1 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी से दोनों कंपनियों की ईपीएस (EPS) में 1.5-2% तक का फायदा हो सकता है।
ग्रोथ आउटलुक और नए टारगेट
ICRA का अनुमान है कि नए फील्ड्स के शुरू होने से ONGC का तेल और गैस वॉल्यूम बढ़ेगा। BP के साथ मिलकर पश्चिमी ऑफशोर फील्ड्स, जिसमें मुंबई हाई भी शामिल है, के रीडेवलपमेंट से अगले दो से तीन सालों में रिकवरी बढ़ने की उम्मीद है। CLSA के एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर क्रूड ऑयल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल भी रहें, तो भी ONGC के शेयर में मौजूदा स्तरों से ₹440 तक जाने की क्षमता है। Oil India का मैनेजमेंट वित्त वर्ष 26 (FY26) के उत्पादन को वित्त वर्ष 25 (FY25) से ऊपर जाने की उम्मीद कर रहा है और वित्त वर्ष 27 (FY27) और 28 (FY28) के लिए तेल उत्पादन के लक्ष्य भी बताए हैं, जो निरंतर विस्तार का संकेत देते हैं। सेक्टर का आउटलुक फिलहाल पॉजिटिव बना हुआ है, खासकर विंडफॉल टैक्स का कोई तत्काल खतरा न होने के कारण।