ONGC का दमन प्रोजेक्ट शुरू: एनर्जी संकट के बीच भारत को मिली बड़ी राहत, शेयर में आई तेजी!

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AuthorMehul Desai|Published at:
ONGC का दमन प्रोजेक्ट शुरू: एनर्जी संकट के बीच भारत को मिली बड़ी राहत, शेयर में आई तेजी!
Overview

दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है, ऐसे में ONGC (Oil and Natural Gas Corp.) ने अपने दमन अपसाइड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (DUDP) से गैस की सप्लाई शुरू कर दी है। करीब **$1 बिलियन** के इस प्रोजेक्ट के चालू होने से भारत को एक भरोसेमंद घरेलू गैस स्रोत मिला है, जो अंतरराष्ट्रीय सप्लाई में व्यवधान के बीच देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा।

दमन प्रोजेक्ट से गैस का प्रवाह शुरू

Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) के दमन अपसाइड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (DUDP) से गैस अब उसके हजीरा प्लांट तक पहुँच रही है। $1 बिलियन के इस प्रोजेक्ट ने रविवार, 29 मार्च 2026 को अपना कमर्शियल सप्लाई शुरू कर दिया है। यह महत्वपूर्ण घरेलू उत्पादन ऐसे समय में आया है जब फारस की खाड़ी में भू-राजनीतिक तनावों, खासकर ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय सप्लाई पर दबाव बढ़ा है और कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ा है।

बाजार की चुनौतियों के बीच ONGC स्टॉक का जलवा

ONGC के शेयर ने बाजार की बड़ी चुनौतियों के बावजूद मजबूती दिखाई है। 27 मार्च 2026 को, ONGC के शेयरों में ट्रेडिंग के दौरान 3-5% की बढ़त देखी गई, जो BSE Sensex में 1.5% से अधिक की गिरावट से काफी बेहतर प्रदर्शन है। 2026 में अब तक ONGC 15% चढ़ चुका है, जबकि Sensex 12.8% गिर गया है। 1.72 करोड़ से अधिक शेयरों का भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम और 30 मार्च की एक्सपायरी से पहले कॉल ऑप्शन एक्टिविटी में इजाफा, निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी का संकेत देता है। मध्य पूर्व संघर्ष के कारण $100 प्रति बैरल से ऊपर पहुंचे कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से ONGC जैसे उत्पादकों को अपने मुनाफे में फायदा हो रहा है। मुश्किल दौर में Reliance Industries जैसी कंपनियां भी अपनी LPG आउटपुट बढ़ा रही हैं और KG-D6 ब्लॉक से नेचुरल गैस को प्राथमिकता वाले सेक्टरों में भेज रही हैं।

वैल्युएशन और एनालिस्ट्स की राय

ONGC का वैल्युएशन आकर्षक दिख रहा है, जिसका ट्रेलिंग बारह महीने का P/E रेशियो मार्च 2026 तक 7.88x से 9.34x के बीच है। यह इसे एक वैल्यू स्टॉक के तौर पर पेश करता है, जो इंडियन ऑयल और गैस इंडस्ट्री के औसत P/E 15.8x से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है। एनालिस्ट्स की राय मिली-जुली है, हालांकि ज्यादातर 'Buy' की सलाह दे रहे हैं (18 Buy, 5 Hold, 6 Sell)। Morgan Stanley और CLSA जैसी फर्मों ने ₹415 तक के प्राइस टारगेट के साथ सकारात्मक रेटिंग बनाए रखी है। हालांकि, Goldman Sachs और HSBC जैसी संस्थाओं ने 'Sell' रेटिंग और कम प्राइस टारगेट जारी किए हैं। औसत 12-महीने के एनालिस्ट प्राइस टारगेट ₹293.83 पर है, जो लगभग 4.21% की संभावित बढ़त का संकेत देता है। कंपनी का वित्तीय वर्ष 2027 के लिए लक्ष्य कच्चे तेल का उत्पादन 21 मिलियन मीट्रिक टन और गैस का उत्पादन 21.5 बिलियन क्यूबिक मीटर है, जिसमें KG-98/2 और दमन जैसे प्रोजेक्ट्स का महत्वपूर्ण योगदान अपेक्षित है।

कुछ चिंताएं बनी हुई हैं

सकारात्मक रुझान के बावजूद, संभावित विंडफॉल टैक्स को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं, जिसे CLSA ने ऊंचे तेल की कीमतों पर मुनाफे को प्रभावित करने वाला कारक बताया है। कुछ विश्लेषकों ने ONGC के वैल्युएशन को लेकर चिंता जताई है, जिसके कारण 23 फरवरी 2026 को कुछ मेट्रिक्स पर 'Hold' डाउनग्रेड हुए थे, और उद्योग की चुनौतियों का हवाला दिया था। ऐतिहासिक रूप से, परिपक्व फील्डों से ONGC का कच्चे तेल का उत्पादन घटा है, और इसके मुनाफे पर कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी मुद्रा के नुकसान का असर पड़ा है। इसके अलावा, कंपनी ने पिछले पांच वर्षों में कमजोर सेल्स ग्रोथ और अपेक्षाकृत कम रिटर्न ऑन इक्विटी (Return on Equity) देखी है, जो मौजूदा परिचालन चुनौतियों को दर्शाती है। 28 मार्च 2026 को तीन स्वतंत्र निदेशकों का कार्यकाल समाप्त होना भी बोर्ड की संरचना में बदलाव का संकेत देता है।

भविष्य का दृष्टिकोण

आगे चलकर, ONGC से अपने जारी प्रोजेक्ट्स से लाभान्वित होने की उम्मीद है। दमन प्रोजेक्ट से वित्तीय वर्ष 2027 में 4-5 mmscmd गैस उत्पादन का चरम पर पहुंचने का अनुमान है। घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर ONGC का ध्यान, मजबूत बाजार स्थिति और प्रतिस्पर्धी लागत संरचना के साथ मिलकर, विशेष रूप से मौजूदा अस्थिर वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में, एक रणनीतिक बढ़त प्रदान करता है। निवेशक कंपनी के डिविडेंड (Dividend) की संभावनाओं पर भी नजर रखे हुए हैं, जिसे वित्तीय वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में मिले मजबूत अंतरिम डिविडेंड से समर्थन मिला है। चल रहे रीडेवलपमेंट और नए फील्ड पहलों के माध्यम से, ONGC अपने उत्पादन स्तर को बेहतर बनाने और वैश्विक ऊर्जा बाजार के बदलावों से प्रेरित ऊंची कीमतों से लाभ उठाने के लिए तैयार है।

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