ONGC का बड़ा दांव: IIT Bombay के साथ मिलकर बनाएगी ₹2,000 करोड़ का Energy स्टार्टअप फंड

ENERGY
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
ONGC का बड़ा दांव: IIT Bombay के साथ मिलकर बनाएगी ₹2,000 करोड़ का Energy स्टार्टअप फंड

ONGC ने IIT Bombay और MC²⁺ फाउंडेशन के साथ हाथ मिलाया है। इस नई पहल का उद्देश्य एनर्जी सेक्टर के स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना है, जो कुल **₹2,000 करोड़** के इंडस्ट्री फंड का हिस्सा है।

नई तकनीक और स्टार्टअप्स पर जोर

ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) अब डीपटेक इनोवेशन को नई रफ्तार देने की तैयारी में है। इस पहल के तहत चुने गए स्टार्टअप्स को ₹2 करोड़ तक की फंडिंग मिलेगी, जिसमें ₹50 लाख का ग्रांट और ₹1.5 करोड़ का माइलस्टोन-बेस्ड सपोर्ट शामिल है।

इस मुहिम में ONGC के साथ IOCL, BPCL, HPCL और GAIL जैसी दिग्गज कंपनियां भी शामिल हैं। इन कंपनियों का लक्ष्य AI-संचालित सब-सरफेस इंटेलिजेंस, रिफाइनरी प्रोसेस और हाइड्रोजन मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में सुधार करना है।

फाइनेंशियल नजरिया

कंपनी के लिए यह एक रणनीतिक R&D निवेश है। बता दें कि ONGC ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में ₹17,034 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। हालांकि ₹2,000 करोड़ का फंड स्टार्टअप्स के लिए बड़ा है, लेकिन यह कंपनी के अगले 5 साल के ₹1 लाख करोड़ के डीपवाटर एक्सप्लोरेशन प्लान के सामने एक छोटा हिस्सा है।

निवेशकों के लिए संकेत

इस पार्टनरशिप का मुख्य मकसद सरकारी कंपनियों में वेंडर रजिस्ट्रेशन की जटिलताओं को कम करना है ताकि नई तकनीक को आसानी से अपनाया जा सके। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि स्टार्टअप निवेश काफी जोखिम भरे होते हैं। साथ ही, ONGC का शेयर अभी भी ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों के उतार-चढ़ाव और रिफाइनिंग मार्जिन जैसे जोखिमों के अधीन है। इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि स्टार्टअप्स की तकनीक कंपनी के ऑपरेशंस में कितनी कारगर साबित होती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.