OMCs के शेयर रॉकेट बने! कच्चे तेल की कीमत **$100** से गिरी, ईरान-US शांति की खबरों से निवेशकों की बल्ले-बल्ले

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AuthorMehul Desai|Published at:
OMCs के शेयर रॉकेट बने! कच्चे तेल की कीमत **$100** से गिरी, ईरान-US शांति की खबरों से निवेशकों की बल्ले-बल्ले
Overview

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट और ईरान-अमेरिका के बीच शांति की उम्मीदों के चलते बुधवार को भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के शेयरों में तूफानी तेजी देखी गई। HPCL, BPCL और IOCL जैसे शेयरों में जबरदस्त खरीदारी हुई।

OMCs में बंपर उछाल, वजह हैं शांति की उम्मीदें

बुधवार को भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के शेयरों में गजब की तेजी रही। HPCL के शेयर 2.86% चढ़े, तो IOCL में 1.01% और BPCL में 0.81% का उछाल आया। यह तेजी 3.4% तक पहुंच गई। बाज़ार में भी जोश दिखा, BSE Sensex 1.9% ऊपर बंद हुआ।

कच्चे तेल में भारी गिरावट का असर

इस तेजी का मुख्य कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) की कीमतों में आई बड़ी गिरावट रही, जो $100 प्रति बैरल के नीचे आ गई। ब्रेंट क्रूड के फ्यूचर 5.05% लुढ़ककर $99.21 पर आ गए। यह गिरावट अमेरिका द्वारा ईरान के साथ महीने भर के युद्धविराम (Ceasefire) की कोशिशों की खबरों के बाद आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने तेहरान को 15 पॉइंट का एक प्रस्ताव दिया है, जिससे फारस की खाड़ी (Persian Gulf) से तेल सप्लाई की चिंताएं कम होने की उम्मीद जगी है।

भू-राजनीतिक (Geopolitical) दांव-पेच

विश्लेषकों का कहना है कि तनाव कम होने के संकेत बाज़ार में नई उम्मीद जगा रहे हैं। अमेरिका और ईरान के अधिकारियों की ओर से आई टिप्पणियां बताती हैं कि यह संघर्ष लंबा नहीं खिंचेगा। ईरान का यह बयान कि 'गैर-शत्रुतापूर्ण जहाज हॉरमज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर सकते हैं', भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए काफी अहम है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी बिचौलियों ने अमेरिका का प्रस्ताव तेहरान तक पहुंचाने में मदद की, जिसमें नई बातचीत की पेशकश भी शामिल थी।

आगे क्या हो सकता है?

हालांकि, व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' जैसे सैन्य अभियान जारी हैं। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ईरान अमेरिकी प्रस्ताव को पूरी तरह स्वीकार करेगा या नहीं, और इजराइल का रुख क्या होगा। फिर भी, इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट (Investment Strategists) को लंबे समय में फायदे की उम्मीद है। JM Financial Institutional Securities को युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर में पूंजीगत खर्च (Capital Spending) की उम्मीद है। उन्होंने अरामको (Aramco) के जारी पूंजीगत खर्च के वादे को भविष्य के ऑर्डर्स के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया है। शांति के संकेत निकट भविष्य में एनर्जी स्टॉक्स (Energy Stocks) के मूल्य में बढ़ोतरी का समर्थन कर सकते हैं।

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