IOCL, BPCL और HPCL ने मिलकर **150 मिलियन लीटर** बायोडीजल खरीदने के लिए एक बड़ा टेंडर निकाला है। **₹88 प्रति लीटर** की फिक्स्ड कीमत पर यह खरीदारी नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच की जाएगी, जिसका मकसद देश में बायोफ्यूल के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
सरकारी तेल कंपनियों—Indian Oil Corporation (IOCL), Bharat Petroleum Corporation (BPCL) और Hindustan Petroleum Corporation (HPCL) ने B100 बायोडीजल की खरीद के लिए हाथ मिलाया है। इस पूरे प्रोजेक्ट की वैल्यू ₹1,320 करोड़ आंकी गई है, जहां खरीदारी की कीमत ₹88 प्रति लीटर तय की गई है।\n\n### सर्दियों के लिए सख्त गाइडलाइंस\nसर्दियों के महीनों को देखते हुए कंपनियों ने ईंधन की क्वालिटी पर विशेष जोर दिया है। सप्लायर्स को Cold Filter Plugging Point (CFPP) के सख्त मानकों का पालन करना होगा। करीब दो-तिहाई सप्लाई को 6 डिग्री सेल्सियस और बाकी को 12 डिग्री सेल्सियस के मानकों पर खरा उतरना होगा, ताकि कड़ाके की ठंड में भी ईंधन पाइपलाइन में न जमे।\n\n### पेनल्टी का डर और स्ट्रिक्ट क्लॉज\nकंपनियों ने सप्लाई चैन को दुरुस्त रखने के लिए कड़े नियम बनाए हैं। सप्लायर्स को हर महीने वादा की गई मात्रा का कम से कम 90% हिस्सा डिलीवर करना होगा। अगर कोई सप्लायर लक्ष्य पूरा करने में चूकता है, तो उसे शॉर्टफॉल पर 3% का जुर्माना देना होगा। साथ ही, कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू का 3% हिस्सा सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में जमा करना अनिवार्य है।\n\n### निवेशकों के लिए क्या है संकेत?\nबाजार के जानकारों का मानना है कि बायोफ्यूल सेक्टर में यह बड़ी पहल तो है, लेकिन असली परीक्षा इसके एग्जीक्यूशन की होगी। सप्लायर्स का प्रॉफिट पूरी तरह से रॉ मटेरियल (जैसे यूज्ड कुकिंग ऑयल) की कीमतों पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, CSIR-Indian Institute of Petroleum से अनिवार्य सर्टिफिकेट हासिल करना छोटे प्लेयर्स के लिए चुनौती बन सकता है।
