Numaligarh Refinery Limited (NRL) ने अपने म्यांमार विस्तार के प्लान को फिलहाल टाल दिया है। कंपनी अब अपना पूरा ध्यान घरेलू रिफाइनिंग क्षमता को बढ़ाकर 2027 के अंत तक **9 मिलियन मीट्रिक टन** प्रति वर्ष करने पर लगा रही है।
घरेलू बाजार में बड़ी छलांग की तैयारी
Oil India Limited की सब्सिडियरी, Numaligarh Refinery Limited (NRL) ने अपनी अंतरराष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं को फिलहाल ब्रेक दे दिया है। कंपनी का लक्ष्य अब 31 दिसंबर 2027 तक अपनी रिफाइनिंग क्षमता को मौजूदा 3 MMTPA से बढ़ाकर 9 MMTPA करना है। यह कदम पूर्वोत्तर भारत में ईंधन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उठाया गया है।
शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
कंपनी ने हाल ही में जबरदस्त ऑपरेशनल एफिशिएंसी दिखाई है। वित्त वर्ष 2025-26 में रिफाइनरी ने अपनी क्षमता के 103% पर काम किया और 3,113 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा कच्चे तेल को प्रोसेस किया। इसका सीधा असर बैलेंस शीट पर दिखा है, जहां कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹3,057 करोड़ रहा और नेट वर्थ बढ़कर ₹18,912 करोड़ पर पहुंच गई।
प्रोजेक्ट की स्थिति और रिस्क फैक्टर्स
कंपनी के लिए प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मार्च 2026 तक प्रोजेक्ट का 87.1% फिजिकल काम पूरा हो चुका है। साथ ही, Numaligarh-to-Siliguri प्रोडक्ट पाइपलाइन की क्षमता भी बढ़ाई गई है।
म्यांमार के Sagaing रीजन में अनिश्चितता और जियो-पॉलिटिकल अस्थिरता को देखते हुए कंपनी ने वहां कदम रखने से परहेज किया है। कंपनी अब अपनी 'नवरत्न' स्थिति का लाभ उठाते हुए कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल सप्लाई चेन के जोखिमों के बीच अपनी डोमेस्टिक सप्लाई सिक्योरिटी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
