ग्रीन हाइड्रोजन को सस्ता बनाना
Newtrace ने ग्रीन हाइड्रोजन को सस्ता बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने प्री-सीरीज़ A फंडिंग में $6.3 मिलियन सफलतापूर्वक जुटा लिए हैं। इस फंड का मुख्य उद्देश्य एडवांस्ड इलेक्ट्रोड और स्टैक टेक्नोलॉजी की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को बढ़ाना है। यह टेक्नोलॉजी हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइज़र की एफिशिएंसी (efficiency) को बेहतर बनाने और लागत कम करने के लिए बहुत ज़रूरी है। ग्रीन हाइड्रोजन के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल में सबसे बड़ी बाधा इसकी ऊंची उत्पादन लागत रही है। Newtrace का लक्ष्य एडवांस्ड मटेरियल का प्रोडक्शन बढ़ाना है ताकि ग्रीन हाइड्रोजन प्रति किलोग्राम की लागत को कम किया जा सके, जो कि भारी उद्योगों को डीकार्बोनाइज (decarbonize) करने के लिए एक महत्वपूर्ण ईंधन है।
निवेशक कर रहे क्लाइमेट टेक्नोलॉजी पर दांव
इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व HDFC Bank और Mitsui Sumitomo Insurance Venture Capital ने मिलकर किया। यह Newtrace की टेक्नोलॉजी और ग्रीन हाइड्रोजन मार्केट में बढ़ते निवेशक भरोसे को दर्शाता है। HDFC Bank सस्टेनेबल फाइनेंस (sustainable finance) और कार्बन न्यूट्रैलिटी (carbon neutrality) पर लगातार फोकस कर रहा है। वहीं, Mitsui Sumitomo Insurance Venture Capital क्लाइमेट टेक (climate tech) में हाई-ग्रोथ स्टार्टअप्स पर दांव लगाती है, जिन्हें वे भविष्य की आर्थिक और पर्यावरणीय स्थिरता के लिए अहम मानती है। Peak XV's Surge और Aavishkaar Capital जैसे अन्य निवेशकों ने भी इस राउंड में भाग लिया। यह इस सेक्टर में मजबूत दिलचस्पी को दिखाता है, जहाँ एनर्जी टेक स्टार्टअप्स ने 2024 की शुरुआत में क्लाइमेट टेक फंडिंग का लगभग 35% हिस्सा आकर्षित किया।
चुनौतियाँ और मुकाबला
अपनी प्रगति के बावजूद, Newtrace को एक चुनौतीपूर्ण मार्केट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन की वर्तमान लागत ग्रे हाइड्रोजन (grey hydrogen) की तुलना में काफी अधिक है, जो $3 से $8 प्रति किलोग्राम के बीच है, जबकि ग्रे हाइड्रोजन की लागत $1 से $2 प्रति किलोग्राम है। लागत-प्रतिस्पर्धी बनने के लिए, इंडस्ट्री को टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन, सस्ते रिन्यूएबल बिजली (renewable electricity) तक पहुँच ( $20-$30 प्रति MWh से कम) और उपकरणों की कैपिटल कॉस्ट (capital cost) में कमी की आवश्यकता है। प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है। भारत में, Reliance New Energy, L&T Electrolysers, और Ohmium जैसी कंपनियाँ सक्रिय हैं, साथ ही इलेक्ट्रोलाइज़र मैन्युफैक्चरिंग में कई अन्य कंपनियाँ भी हैं। वैश्विक स्तर पर Nel Hydrogen और Plug Power अपनी इलेक्ट्रोलाइज़र टेक्नोलॉजी विकसित कर रही हैं। इस सेक्टर में प्रोजेक्ट डेवलपमेंट में भी देरी और लागत में वृद्धि देखी गई है, जिसमें मई 2024 तक वैश्विक स्तर पर घोषित इलेक्ट्रोलाइटिक कैपेसिटी (electrolytic capacity) का 7% से भी कम अंतिम निवेश निर्णय (final investment decision) तक पहुँच पाया है।
Newtrace का आगे का रास्ता
इलेक्ट्रोड टेक्नोलॉजी पर Newtrace का फोकस ग्रीन हाइड्रोजन मार्केट के अनुमानित विकास का लाभ उठाने में कंपनी को अच्छी स्थिति में रखता है, जिसके 2029 तक $38.1 बिलियन तक पहुँचने की उम्मीद है। कंपनी अगले साल चीन और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों में पायलट मैन्युफैक्चरिंग को स्केल-अप करने और उत्पादों का परीक्षण करने की योजना बना रही है, जो कमर्शियल रोलआउट (commercial rollout) के लिए एक तेज ट्रैक का संकेत देता है। इंडस्ट्री का लक्ष्य 2031 तक $1 प्रति किलोग्राम की लागत लक्ष्य हासिल करना है, ऐसे में कुशल और स्केलेबल इलेक्ट्रोड समाधान व्यापक उपयोग के लिए महत्वपूर्ण होंगे। यह Newtrace को क्लीन एनर्जी ट्रांज़िशन (clean energy transition) में एक महत्वपूर्ण कंपनी बनाता है।