मैरीटाइम स्टार्टअप Newlight ने अपने हाइड्रोजन-इंजेक्शन सिस्टम का सफल परीक्षण किया है। **8,500** नॉटिकल माइल की यात्रा में फ्यूल खपत में **24%** की कमी आई है। ध्यान दें, यह कंपनी भारतीय स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है।
मैरीटाइम एनर्जी टेक्नोलॉजी कंपनी Newlight ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। कंपनी ने 8,500 नॉटिकल माइल की कमर्शियल यात्रा के दौरान अपने हाइड्रोजन-हाइब्रिड सिस्टम का सफल परीक्षण किया है। यह टेस्ट Lomar Shipping द्वारा संचालित एक बल्क कैरियर पर किया गया, जिसका मकसद डीजल इंजनों को हाइड्रोजन तकनीक से अपग्रेड करना था।
डेटा में क्या दिखा?
ट्रायल के नतीजों के मुताबिक, इस तकनीक ने न केवल फ्यूल की खपत को 24% तक कम किया, बल्कि कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 28% और कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जन में 22% की कटौती दर्ज की। यह सिस्टम डीजल दहन की रियल-टाइम निगरानी कर हाइड्रोजन इंजेक्ट करता है, जिससे इंजन की क्षमता बढ़ जाती है।
भारतीय निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
हम अपने दर्शकों को सतर्क करना चाहते हैं कि यह Newlight एक निजी अंतरराष्ट्रीय स्टार्टअप है। इसका नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड किसी भी कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है। विशेष रूप से, इसका BSE पर मौजूद New Light Industries Ltd (टिकर: 540243) से कोई संबंध नहीं है, जो टेक्सटाइल सेक्टर की कंपनी है। नामों की समानता से भ्रमित होकर गलत निवेश न करें।
भविष्य की चुनौतियां
हालांकि ट्रायल सफल रहे हैं, लेकिन ग्लोबल शिपिंग सेक्टर में इसे बड़े पैमाने पर लागू करना अभी भी कठिन है। इसके लिए पोर्ट्स पर हाइड्रोजन इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और रेगुलेटरी अनुपालन जैसी बाधाएं पार करनी होंगी।
