African Tech Futures Lab की नई रिपोर्ट में अफ्रीकी देशों को कार्बन रिमूवल के लिए एक ही नीति अपनाने के बजाय साइट-विशिष्ट परियोजनाओं पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। शोध में कहा गया है कि गलत तकनीक का चुनाव खाद्य और जल सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।
अक्टूबर 2026 में जारी African Tech Futures Lab (ATFL) की रिपोर्ट ने अफ्रीका में कार्बन डाइऑक्साइड रिमूवल (CDR) परियोजनाओं को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। शोधकर्ताओं का तर्क है कि पूरे महाद्वीप के लिए एक ही जैसी तकनीक (One-size-fits-all) अपनाना व्यावहारिक नहीं है। इसके बजाय, देशों को जमीन स्तर पर बारीकी से आकलन करना चाहिए ताकि जलवायु परियोजनाएं स्थानीय विकास प्राथमिकताओं के साथ मेल खा सकें।
स्थानीय संसाधनों की अहमियत
'Carbon Markets Africa Summit' के दौरान पेश की गई यह स्टडी बताती है कि अफ्रीका की विविध भौगोलिक स्थिति के लिए कस्टमाइज्ड समाधान जरूरी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बिना ठोस योजना के शुरू की गई कार्बन परियोजनाएं कृषि और स्थानीय आजीविका जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के संसाधनों (जैसे पानी और जमीन) के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं।
तकनीक का चुनाव और चुनौतियां
रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से अलग-अलग विधियों के फायदे और नुकसान बताए गए हैं:
- Biochar और Enhanced Rock Weathering: इन्हें कई क्षेत्रों के लिए बेहतर माना गया है क्योंकि इनमें कम इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है और ये मिट्टी की गुणवत्ता सुधारकर खेती को फायदा पहुंचाते हैं।
- Direct Air Capture (DAC) और BECCS: ये तकनीकें काफी महंगी हैं और केवल विशिष्ट भौगोलिक स्थितियों (जैसे केन्या की रिफ्ट वैली, जहां भू-तापीय ऊर्जा उपलब्ध है) में ही सफल हो सकती हैं।
बाजार का भविष्य और सुधार की जरूरत
मौजूदा कार्बन मार्केट को 'नाजुक' करार देते हुए रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय मानकों पर अत्यधिक निर्भरता पर चिंता जताई गई है। इसकी वजह से प्राइसिंग में अनिश्चितता बनी रहती है। अफ्रीका के लिए सबसे बड़ी बाधा स्थानीय वैज्ञानिक इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है, जैसे कि स्वतंत्र लेबोरेटरी और वेरिफिकेशन सिस्टम।
निवेशकों और नीति-निर्माताओं के लिए भविष्य का फोकस अब केवल कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन से हटकर समग्र संसाधन योजना (Resource Planning) पर आ गया है। आने वाले समय में वही देश निवेश आकर्षित कर पाएंगे जो स्थानीय वैज्ञानिक डेटा और वेरिफिकेशन सिस्टम को मजबूत करने में सफल होंगे।
