पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मिनिस्ट्री ने साफ किया है कि बायोगैस (CBG) की खरीद कीमतों में **43%** के उछाल का बोझ सीधे आम ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। सरकार ने इसके लिए खास गैस पूलिंग और **₹10 प्रति किलो** की सब्सिडी का प्लान तैयार किया है।
नई प्राइसिंग का गणित
मिनिस्ट्री ने बायोगैस प्रोड्यूसर्स के लिए प्रोक्योरमेंट रेट को ₹1,478 से बढ़ाकर सीधे ₹2,110 प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (MMBtu) कर दिया है। यह कदम GOBARdhan स्कीम का हिस्सा है, जिसका मकसद ग्रीन एनर्जी सेक्टर में निवेश और भागीदारी को बढ़ावा देना है।
ग्राहकों को महंगाई से कैसे बचाएगी सरकार?
इस भारी बढ़ोतरी को कंज्यूमर्स पर नहीं डालने के लिए सरकार दो मोर्चों पर काम कर रही है:
- गैस पूलिंग: मंत्रालय लागत को कवर करने के लिए गैस बेस को 2.5 से 3 गुना तक बढ़ा रहा है, जिससे कीमतों में आने वाले उतार-चढ़ाव का असर कम हो जाएगा।
- अफोर्डेबिलिटी सपोर्ट: सरकार ने प्रति किलो ₹10 की सीधी सब्सिडी का ऐलान किया है। इससे ग्राहकों पर पड़ने वाला नेट कॉस्ट का असर घटकर लगभग 28% ही रह जाएगा।
निवेशकों के लिए संकेत
यह पॉलिसी रिन्यूएबल एनर्जी और रिटेल फ्यूल कॉस्ट के बीच एक बैलेंस बनाने की कोशिश है। हालांकि, यह मॉडल सरकारी सब्सिडी पर काफी निर्भर है, जो लॉन्ग-टर्म में फिस्कल रिस्क पैदा कर सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स अब इस बात पर नजर रख रहे हैं कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के मार्जिन पर इसका क्या असर पड़ेगा और क्या यह गैस पूलिंग मैकेनिज्म भविष्य में भी कीमतों को स्थिर रख पाएगा या नहीं।
