नेपाल के रसुवा जिले में ग्लेशियर फटने और आई भीषण बाढ़ के कारण Trishuli 3A हाइड्रोपावर टनल में 100 से अधिक लोग फंस गए हैं। इस हादसे से 12 पावर प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचा है, जिससे **430 MW** की बिजली उत्पादन क्षमता पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
नेपाल के रसुवा जिले में स्थित 60 MW क्षमता वाले Trishuli 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास ग्लेशियर फटने से आई अचानक बाढ़ ने पूरे इलाके में तबाही मचा दी है। हालांकि 350 लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन सड़क और पुल टूटने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी चुनौतियां आ रही हैं।
एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर
यह त्रासदी केवल एक प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, रसुवा रीजन में कम से कम 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान हुआ है। इनकी कुल उत्पादन क्षमता 430 MW से ज्यादा आंकी गई है, जिससे स्थानीय पावर ग्रिड और नेपाल की बिजली निर्यात रणनीति (विशेषकर भारत के साथ) पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है।
मार्केट रिएक्शन और सेक्टर रिस्क
इस घटना ने नेपाल स्टॉक एक्सचेंज (NEPSE) में निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। हाइड्रोपावर कंपनियों और नॉन-लाइफ इंश्योरेंस स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव साफ दिख रहा है। इंश्योरेंस सेक्टर पर बड़ा रिस्क है, क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर डैमेज के चलते कंपनियों को भारी क्लेम सेटल करने पड़ सकते हैं।
निवेशकों की नजरें अब रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता और डैमेज के बाद के असेसमेंट पर हैं। पावर प्रोजेक्ट डेवलपर्स द्वारा फाइल किए जाने वाले इंश्योरेंस क्लेम और पावर ग्रिड की बहाली की समयसीमा ही तय करेगी कि आने वाले दिनों में मार्केट का मूड कैसा रहेगा।
