गुजरात स्थित Navitas Solar ने अपनी नई 2.2 GW की सोलर सेल फैक्ट्री के लिए स्विस एसेट मैनेजर responsAbility से ₹190 करोड़ जुटाए हैं। इस कदम से कंपनी आयात पर निर्भरता कम करने और स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने की तैयारी में है।
मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी रफ्तार
सूरत स्थित Navitas Solar ने अपने ऑपरेशंस को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए स्विस फर्म responsAbility Investments से ₹190 करोड़ का फंड जुटा लिया है। कंपनी इस राशि का इस्तेमाल 2.2 GW क्षमता वाली सोलर सेल प्रोडक्शन यूनिट बनाने में करेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹1,000 करोड़ है, जो कंपनी के बिजनेस मॉडल में एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि अब तक कंपनी सोलर मॉड्यूल असेंबली पर ही केंद्रित थी।
फंड का स्ट्रक्चर और रणनीति
कंपनी को अब तक ₹125 करोड़ मिल चुके हैं और बाकी राशि अगले कुछ महीनों में मिलने की उम्मीद है। यह कैपिटल डेट और इक्विटी का एक मिक्स है। इन-हाउस सोलर सेल बनाने से कंपनी न केवल अपनी सप्लाई चेन को मजबूत कर सकेगी, बल्कि लागत में भी कटौती कर पाएगी।
बाजार की चुनौतियां
सोलर सेल का कारोबार काफी कैपिटल-इंटेंसिव है, जिसमें मशीनरी और नई तकनीक पर भारी निवेश की जरूरत होती है। भारत में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में तेजी तो है, लेकिन बड़ी कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और प्राइसिंग का दबाव Navitas Solar के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकता है।
नई टेक्नोलॉजी पर दांव
नई फैक्ट्री के अलावा, कंपनी हाई-एफिशिएंसी TOPCon मॉड्यूल्स पर भी काम कर रही है, जो सूरज की रोशनी से ज्यादा एनर्जी कैप्चर करने में सक्षम हैं। अब निवेशकों की नजर कंपनी के कंस्ट्रक्शन टाइमलाइन और नई प्लांट की कार्यक्षमता पर होगी। इस सेक्टर में तेज बदलावों के बीच कंपनी अपनी फाइनेंशियल हेल्थ को कैसे मेंटेन करती है, यह देखना अहम होगा।
