Nava Ltd Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! एक तिमाही में **83.5%** बढ़ा कंपनी का मुनाफा

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AuthorMehul Desai|Published at:
Nava Ltd Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! एक तिमाही में **83.5%** बढ़ा कंपनी का मुनाफा
Overview

Nava Limited के निवेशकों के लिए खुशखबरी! कंपनी ने Q3 FY'26 में शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट **83.5%** बढ़कर **₹325.7 करोड़** पर पहुंच गया। इसकी मुख्य वजह एनर्जी बिज़नेस, खासकर Maamba Energy Limited (MEL) का **97% PLF** पर चलना और माइनिंग सेगमेंट में बेहतर वॉल्यूम व मार्जिन रहे।

Nava Limited ने Q3 FY'26 में अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 7.3% QoQ की बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹1061.5 करोड़ रहा। मुनाफे में इस बड़ी उछाल का एक बड़ा कारण EBITDA मार्जिन का 48.3% तक पहुंचना रहा, जो पिछली तिमाही में 34.5% था।

ज़ाम्बिया की Maamba Energy Limited (MEL) पावर प्लांट ने 97% प्लांट लोड फैक्टर (PLF) हासिल किया, जो कि Q2 के 80.4% से काफी बेहतर प्रदर्शन है। इसके साथ ही, माइनिंग सेगमेंट ने भी 16.6% QoQ रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई, जिसमें मैनेजमेंट के अनुसार 35,000 से 42,000 टन प्रति महीने की सस्टेनेबल सेल्स का अनुमान है।

हालांकि, नतीजों के बाद हुई एनालिस्ट कॉल में 'अन्य आय' (Other Income) में आई बड़ी बढ़ोतरी पर सवाल उठे। कंसोलिडेटेड लेवल पर यह आय Q2 के ₹26 करोड़ से बढ़कर Q3 में ₹70.4 करोड़ हो गई। मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया कि यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से फॉरेन करेंसी (Forex) में उतार-चढ़ाव के कारण हुई है। उन्होंने अनुमान जताया कि भविष्य में 'अन्य आय' का स्तर लगभग ₹40 करोड़ प्रति तिमाही के आसपास रह सकता है, ताकि हालिया उछाल से उम्मीदें न बढ़ें।

कंपनी जंबो ग्रोथ प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम कर रही है। जंबो में 300 MW MEL थर्मल एक्सपेंशन प्रोजेक्ट पर कुल $400 मिलियन का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) होना है, जिसमें से $190 मिलियन दिसंबर 31, 2025 तक खर्च हो चुके हैं। वहीं, 100 MW सोलर प्रोजेक्ट के लिए $90 मिलियन का Capex तय है, जिसमें अब तक $10 मिलियन खर्च हुए हैं। इन दोनों प्रोजेक्ट्स में 70-30 का डेट-इक्विटी रेशियो है, जिसमें Nava 65% इक्विटी का योगदान दे रही है। इन दोनों प्लांट्स के FY'27-28 से पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है, जिनसे थर्मल प्लांट से सालाना $180-200 मिलियन और सोलर प्लांट से $15-16 मिलियन का रेवेन्यू आने का अनुमान है।

घरेलू पावर सेगमेंट में, गिरती एक्सचेंज प्राइसिंग (YoY ~12% कम) को लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स, जैसे तमिलनाडु के साथ 5-year PPA ( 60 MW IPP के लिए INR 5.2/kWh पर) के जरिए मैनेज किया जा रहा है। Q4 FY'26 के लिए इंडियन पावर प्लांट्स की क्षमता काफी हद तक कमिटेड है और Q1 FY'27 के लिए टाई-अप्स चल रहे हैं। वहीं, फेरो अलॉयज सेगमेंट में 8% QoQ प्राइस में सुधार हुआ है, लेकिन EBIT अभी भी ब्रेक-ईवन के करीब है, जो ऑपरेशनल चुनौतियों को दर्शाता है।

आगे चल रहे Capex कमिटमेंट्स में $55 मिलियन का एग्रीकल्चर (एवोकाडो प्लांटेशंस) और $100 मिलियन का कावाम्बा शुगर प्रोजेक्ट शामिल हैं। FY'26 के पहले नौ महीनों में थर्मल प्लांट के लिए लगभग $90-100 मिलियन, सोलर के लिए $10 मिलियन, और एवोकाडो व शुगर प्रोजेक्ट्स के लिए $8 मिलियन का Capex हो चुका है। अफ्रीका में लिथियम खदानों की एक्सप्लोरेशन शुरुआती दौर में है और कोई खास अपडेट नहीं है। Nava Global का $50 मिलियन का बायबैक पूरा हो गया है, जिसमें Nava Limited की 100% ओनरशिप बनी हुई है। प्लांट शटडाउन रूटीन हैं और इनसे बड़े व्यवधान की उम्मीद नहीं है।

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