📉 नतीजों का पूरा विश्लेषण
Nagpur Power and Industries Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने अन-ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Un-audited Financial Results) का खुलासा किया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि स्टैंडअलोन रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Standalone Revenue from Operations) ₹0 करोड़ रहा। यह पिछले साल की इसी तिमाही और नौ महीने की अवधि के बराबर है, जो कोर बिजनेस एक्टिविटी में पूरी तरह से ठहराव का संकेत देता है।
हालांकि, कंपनी का स्टैंडअलोन परफॉरमेंस 'अदर इनकम' (Other Income) से ₹0.52 करोड़ की वजह से सुधरा, जबकि पिछले साल की Q3 FY25 में ₹(1.51) करोड़ का घाटा था। इससे स्टैंडअलोन प्रॉफिट/लॉस बिफोर टैक्स (Profit/Loss Before Tax) में बड़ा सुधार हुआ, जो घाटे को ₹0.01 करोड़ तक ले आया, जबकि पिछले साल यह ₹2.22 करोड़ था।
दूसरी ओर, कंसोलिडेटेड (Consolidated) आधार पर कंपनी ने एक बेहतर तस्वीर पेश की। Q3 FY26 में रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) 42.7% बढ़कर ₹20.63 करोड़ हो गया। इस टॉप-लाइन ग्रोथ का असर प्रॉफिटेबिलिटी पर भी दिखा, जहां कंपनी ने ₹0.46 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया। यह पिछले साल की Q3 FY25 के ₹2.62 करोड़ के नेट लॉस (Net Loss) से एक बड़ा सुधार है।
तिमाही-दर-तिमाही (Quarter-on-Quarter) आधार पर भी कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 34.1% बढ़कर ₹20.63 करोड़ रहा और नेट प्रॉफिट ₹0.99 करोड़ के घाटे से सुधरकर ₹0.46 करोड़ के प्रॉफिट में आ गया।
लेकिन, FY26 के पहले नौ महीनों (Nine Months) के कंसोलिडेटेड परफॉरमेंस ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। कंपनी ने ₹0.15 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) रिपोर्ट किया है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में ₹0.81 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) था। यह दर्शाता है कि Q3 में सुधार के बावजूद, साल-दर-तारीख (Year-to-date) का ट्रेंड कमजोर हुआ है।
🚩 जोखिम और आगे का रास्ता
Nagpur Power के लिए सबसे बड़ा जोखिम उसके स्टैंडअलोन नतीजों के लिए पूरी तरह से 'अदर इनकम' पर निर्भरता है। इस 'अदर इनकम' की निरंतरता महत्वपूर्ण है। हालांकि कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ग्रोथ सकारात्मक है, लेकिन नौ महीनों के नेट लॉस में गिरावट परिचालन स्वास्थ्य और लगातार प्रॉफिट कमाने की क्षमता को लेकर सवाल खड़े करती है।
निवेशकों को इस 'अदर इनकम' के स्रोत और स्थिरता पर बारीकी से नजर रखनी होगी और कंपनी के मुख्य परिचालन व्यवसायों की स्थिति को समझना होगा।
इलेक्ट्रो मैकेनिकल डिवीजन (Electro Mechanical Division) ने तिमाही के दौरान रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद घाटा दर्ज किया है, जो कुछ सेगमेंट्स में लागत दबाव या एग्जीक्यूशन की चुनौतियों का संकेत देता है। कंपनी ने भविष्य के लिए कोई गाइडेंस (Guidance) जारी नहीं किया है, जिससे बाजार को मौजूदा मिले-जुले नतीजों से ही आगे के प्रदर्शन का अनुमान लगाना होगा।
