क्यों बढ़ी NTPC की कमाई?
NTPC ने संचालन की चुनौतियों के बावजूद अपने नतीजों में मजबूती दिखाई है। भले ही कोयला प्लांट लोड फैक्टर (PLF) कम होने के कारण अकेले जनरेशन में 4.3% की गिरावट आई हो, लेकिन कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 2% का इजाफा हुआ। इसकी मुख्य वजह है कंपनी की कुल इंस्टॉल्ड क्षमता में 12% की जबरदस्त बढ़ोतरी, जो अब 85,637 MW तक पहुंच गई है। साथ ही, टैरिफ में बढ़ोतरी ने भी रेवेन्यू बढ़ाने में मदद की।
इसके अलावा, घरेलू कोयले की लागत में बचत ने EBITDA मार्जिन को 140 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 31.8% कर दिया। इन सब के चलते, सब्सिडियरी और ज्वॉइंट वेंचर्स (JVs) का मुनाफा भी बढ़ा, जिसने कंपनी के कुल मुनाफे को ₹5,489 करोड़ तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कंपनी का मौजूदा मार्केट प्राइस ₹358.25 है, जिससे इसकी मार्केट कैप लगभग ₹3,47,674 करोड़ हो गई है।
ग्रीन एनर्जी की ओर NTPC का कदम
NTPC अपनी कमाई को मजबूत बनाने के लिए डाइवर्सिफिकेशन पर जोर दे रही है। सब्सिडियरी और JVs से मिले ₹636 करोड़ और ₹612 करोड़ के मुनाफे ने कोयला प्लांट के कम इस्तेमाल के असर को काफी हद तक कम कर दिया। कंपनी ने ग्रीन एनर्जी पर कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को भी तेज कर दिया है, फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों में ही ₹33,466 करोड़ का निवेश किया है।
यह निवेश 14,507 MW की सोलर और विंड परियोजनाओं के लिए है, जो NTPC के पारंपरिक कोयला-आधारित पोर्टफोलियो से हटकर रिन्यूएबल एनर्जी की ओर एक स्पष्ट बदलाव का संकेत देता है। यह भारत के एनर्जी ट्रांज़िशन (ऊर्जा परिवर्तन) लक्ष्यों के अनुरूप भी है, जहां रिन्यूएबल क्षमता का विस्तार भविष्य में विकास का मुख्य चालक होगा।
भविष्य की राह और विश्लेषकों की राय
NTPC की वैल्यूएशन, लगभग 14.38 के P/E रेशियो के साथ, हाई-ग्रोथ रिन्यूएबल कंपनियों (जैसे Adani Green, जिनका P/E 80 से ऊपर है) की तुलना में अधिक स्थिर और यूटिलिटी-केंद्रित निवेश का संकेत देती है। कंपनी की पिछली परफॉरमेंस भी शानदार रही है, पिछले एक साल में 12.36% और तीन साल में 116.58% का रिटर्न दिया है, जो Nifty 50 इंडेक्स से काफी बेहतर है।
भारतीय पावर सेक्टर में मांग बढ़ रही है, जनवरी 2026 में बिजली की मांग 5.6% बढ़ी। NTPC पम्प्ड स्टोरेज (18 GW पोर्टफोलियो) और न्यूक्लियर पावर (Mahi Banswara प्रोजेक्ट) जैसे नए सेक्टर्स में भी विस्तार कर रही है।
NTPC का लक्ष्य 2032 तक 149 GW क्षमता हासिल करना है, जिसके लिए लगभग ₹7 लाख करोड़ के Capex की योजना है। कंपनी FY27-28 में हर साल लगभग 8,000 MW रिन्यूएबल क्षमता जोड़ने की उम्मीद कर रही है, जिसमें से 82-83% क्षमता पहले ही पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPAs) के तहत सुरक्षित है। विश्लेषकों का औसत प्राइस टारगेट ₹417.00 है, जो मौजूदा स्तरों से 16% से अधिक की तेजी का संकेत देता है।
