सरकारी पावर कंपनी NTPC ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए एक बड़ी योजना बनाई है। कंपनी अपनी फ्यूल जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राइवेट कमर्शियल माइनर्स से **10 मिलियन टन** कोयला खरीदेगी।
भारत की सबसे बड़ी पावर जनरेटर कंपनी NTPC अब कोयले की अपनी सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए प्राइवेट सेक्टर का रुख कर रही है। कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2027 में प्राइवेट कमर्शियल माइनर्स से करीब 10 मिलियन टन कोयला हासिल करना है। गौरतलब है कि कंपनी की कुल कोयले की जरूरत इस साल 300 मिलियन टन है, जो पिछले साल के मुकाबले 11% ज्यादा है।
पावर प्लांट की परफॉर्मेंस और मुनाफा
कंपनी का प्रदर्शन लगातार मजबूत बना हुआ है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में NTPC का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹5,342 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 12% ज्यादा है। कंपनी का प्लांट लोड फैक्टर (PLF) भी 76.71% के हाई लेवल पर बना हुआ है, जो इसकी परिचालन क्षमता को दर्शाता है।
बिजनेस में बड़ा बदलाव
अपनी माइनिंग ऑपरेशंस को और बेहतर बनाने के लिए, NTPC ने अपनी माइनिंग एसेट्स को अपनी सब्सिडियरी, NTPC Mining Limited को ट्रांसफर करना शुरू कर दिया है। इससे कोयला संसाधनों के मैनेजमेंट में और अधिक फोकस मिलेगा। वहीं दूसरी ओर, कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर भी भारी निवेश कर रही है। निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि कंपनी किस तरह अपने बढ़ते कोयला खर्च और रिन्यूएबल एनर्जी के भारी निवेश के बीच बैलेंस बनाकर मार्जिन को सुरक्षित रखती है।
