महत्वाकांक्षी परमाणु ऊर्जा विस्तार पर आर्थिक दबाव
NTPC, जो भारत का सबसे बड़ा पावर जेनेरेटर है, परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) की ओर एक आक्रामक कदम बढ़ा रहा है। कंपनी का लक्ष्य 2047 तक 30 गीगावाट (GW) क्षमता हासिल करना है। इस लंबी अवधि के विस्तार के लिए जमीन सुरक्षित करने हेतु NTPC ने गुजरात, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और मध्य प्रदेश में साइटों का अध्ययन शुरू कर दिया है।
हालांकि, इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य के रास्ते में गंभीर आर्थिक चुनौतियाँ हैं। NTPC पर ₹2.55 ट्रिलियन का भारी समेकित कर्ज (Consolidated Debt) है, और उसका डेट-टू-EBITDA रेशियो भी काफी ऊंचा है। ऐसे में, परमाणु प्रोजेक्ट्स की भारी-भरकम लागत, जो प्रति GW ₹15,000 से ₹20,000 करोड़ तक अनुमानित है, एक बड़ी चिंता का विषय है। अपनी स्थापित थर्मल पावर ऑपरेशंस के विपरीत, परमाणु प्रोजेक्ट्स को विकसित होने में लंबा समय लगता है और इनमें लागत बढ़ने का जोखिम अधिक होता है, जो कंपनी के मुनाफे को प्रभावित कर सकता है।
