देश की सबसे बड़ी पावर कंपनी NTPC ने अपने विस्तार का मेगा रोडमैप तैयार कर लिया है। कंपनी 2032 तक अपनी क्षमता को **149 GW** तक ले जाने की तैयारी में है, जिसके लिए न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में बड़ा निवेश किया जाएगा।
न्यूक्लियर पावर पर दांव
NTPC अब केवल थर्मल और रिन्यूएबल एनर्जी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कंपनी न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में भी बड़ी एंट्री करने जा रही है। कंपनी ने 2047 तक 30 GW न्यूक्लियर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है, जिसका अंतरिम लक्ष्य 2037 तक 6 GW है। कंपनी ने बिहार के बांका, मध्य प्रदेश के बसई और ओडिशा के नबरंगपुर में संभावित साइटों के लिए व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) पूरा कर लिया है।
भारी-भरकम निवेश और फाइनेंशियल हेल्थ
इस विशाल विस्तार के लिए कंपनी ने 2037 तक कुल ₹16.86 लाख करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) का अनुमान लगाया है। कंपनी के हालिया नतीजों की बात करें तो, फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 38.7% बढ़कर ₹7,029.56 करोड़ रहा है। वहीं, रेवेन्यू में भी 21.2% की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई है, जो कंपनी की मजबूत फाइनेंशियल स्थिति को दर्शाती है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
इतने बड़े स्तर पर विस्तार के साथ चुनौतियां भी जुड़ी हैं। न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स में रेगुलेटरी मंजूरी और तकनीकी पेचीदगियों के कारण प्रोजेक्ट में देरी या लागत बढ़ने का रिस्क बना रहता है। इसके अलावा, ₹16 लाख करोड़ से अधिक के खर्च के कारण बैलेंस शीट पर कर्ज का दबाव बढ़ सकता है। 30 सितंबर 2026 तक कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 1.04 रहा है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी इतनी बड़ी पूंजी के साथ डेट को कैसे मैनेज करती है और प्रोजेक्ट्स को कितनी तेजी से पूरा करती है।
