पावर सेक्टर में NTPC का दबदबा और शेयर में तेजी
NTPC का स्टॉक ₹388.50 के करीब पहुंच गया, जो कि पिछले 52 हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर है। हाल के एक महीने में शेयर में करीब 15% का जबरदस्त उछाल देखा गया है, जबकि BSE Sensex सिर्फ 1% ही बढ़ पाया। इस जोरदार तेजी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। 23 फरवरी 2026 को 1.6 करोड़ से ज्यादा शेयर ट्रेड हुए, जो पिछले 30 दिनों के औसत वॉल्यूम से करीब 70% ज्यादा है। यह बड़ी संस्थागत निवेशकों (institutional investors) की बढ़ती दिलचस्पी का संकेत है। NTPC भारत का सबसे बड़ा एकीकृत पावर उत्पादक है, जिसकी कुल जनरेशन में 24% और स्थापित क्षमता में 16.67% हिस्सेदारी है।
सरकारी नीतियों का सहारा और विस्तार की योजना
NTPC को भारत सरकार का मजबूत साथ मिल रहा है, जिसमें सरकार की 51.1% हिस्सेदारी है। हाल ही में कुछ अहम सरकारी नीतियों ने NTPC के भविष्य को और उज्जवल बना दिया है। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) का ड्राफ्ट रेगुलेशन, जो थर्मल पावर प्लांटों को बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लगाने की अनुमति देता है, पीक डिमांड को मैनेज करने में मदद करेगा और NTPC के लिए एनर्जी स्टोरेज टेक्नोलॉजी में नए निवेश के रास्ते खोलेगा। इसके अलावा, हाल ही में पास हुआ 'शांति न्यूक्लियर एक्ट' (SHANTI Nuclear Act) भारत की लॉन्ग-टर्म एनर्जी स्ट्रैटेजी में न्यूक्लियर पावर को एक अहम हिस्सा बनाता है, जो नेट-जीरो लक्ष्य (net-zero targets) के साथ तालमेल बिठाता है और इंपोर्टेड फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम करता है। NTPC न्यूक्लियर पावर क्षमता बढ़ाने पर भी तेजी से काम कर रहा है। कंपनी ने Q3 FY26 में 5.85% की ईयर-ओवर-ईयर ग्रोथ के साथ प्रॉफिट (Profit) दर्ज किया है।
वैल्यूएशन और सेक्टर का संदर्भ
NTPC का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो 15.4x के आसपास है, जो सेक्टर के दूसरे बड़े प्लेयर्स (औसतन 28.6x) और रिन्यूएबल एनर्जी इंडस्ट्री (औसतन 24.2x) की तुलना में काफी आकर्षक है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹3.64 ट्रिलियन है। भारत की कुल पावर जनरेशन कैपेसिटी 520 GW के करीब पहुंच गई है, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी का हिस्सा करीब 50.5% है। NTPC अपने 33 GW अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स के साथ रिकॉर्ड क्षमता विस्तार की राह पर है, जिसमें थर्मल, रिन्यूएबल और स्टोरेज सभी शामिल हैं।
संभावित जोखिम और चिंताएं
हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं। NTPC की विशाल थर्मल पावर क्षमता पर लंबी अवधि में दबाव आ सकता है, क्योंकि भारत तेजी से रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, भविष्य की कमाई के अनुमानों के आधार पर NTPC का वैल्यूएशन थोड़ा ज्यादा हो सकता है। पिछले तीन सालों में कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) औसतन 12.4% रहा है। नेट-जीरो लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अपने विशाल थर्मल एसेट बेस को बदलने की चुनौती महत्वपूर्ण है और इससे स्ट्रैंडेड एसेट का खतरा भी है।
विश्लेषकों का भरोसा और भविष्य का अनुमान
इन चिंताओं के बावजूद, ब्रोकरेज फर्म (brokerage firms) NTPC पर बुलिश (bullish) हैं। ICICI सिक्योरिटीज ने ₹440 के टारगेट के साथ 'BUY' रेटिंग दी है, जो अगले कुछ सालों में 11% कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) की उम्मीद करते हैं। तकनीकी विश्लेषक (Technical Analysts) भी स्टॉक में मजबूती देख रहे हैं और ₹373-370 की रेंज में खरीदने की सलाह दे रहे हैं, जिसका लक्ष्य ₹393 है। अन्य विश्लेषकों ने औसतन ₹418.62 का 12-महीने का प्राइस टारगेट दिया है, जबकि Elara कैपिटल ने ₹444 का टारगेट रखा है।