NTPC ने Q2 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में **39%** का उछाल दर्ज किया है और कंपनी का मुनाफा **₹7,030 करोड़** के पार पहुंच गया है। कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए **₹3** प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
मुनाफे की रफ्तार
NTPC के नतीजों पर नजर डालें तो फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹7,029.56 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही के ₹5,066.78 करोड़ के मुकाबले 38.7% की बड़ी बढ़ोतरी है। कंपनी के ऑपरेशन से प्राप्त रेवेन्यू में भी 21.2% की शानदार तेजी देखी गई है, जो ₹54,269.95 करोड़ तक पहुंच गया है।
रेवेन्यू के मुख्य स्रोत
ग्रोथ केवल एक सेगमेंट तक सीमित नहीं रही। कंपनी का सोलर पावर रेवेन्यू ₹722.52 करोड़ से बढ़कर ₹1,138.23 करोड़ हो गया, जबकि इलेक्ट्रिसिटी ट्रेडिंग से मिली आय ₹3,172.14 करोड़ रही। भारतीय बाजार में बिजली की बढ़ती मांग का सीधा फायदा कंपनी को मिलता दिख रहा है।
लागत का दबाव और चुनौतियां
हालांकि, मुनाफे के साथ-साथ खर्चों पर नजर रखना भी जरूरी है। कंपनी का कुल खर्च बढ़कर ₹48,059.30 करोड़ हो गया है, जिसमें से बड़ा हिस्सा यानी ₹28,628.19 करोड़ केवल फ्यूल कॉस्ट (Fuel Cost) में गया है। थर्मल पावर जेनरेशन के लिए फ्यूल प्राइस में उतार-चढ़ाव एक बड़ी चुनौती है, जिससे कंपनी के मार्जिन पर दबाव बनता है।
डिविडेंड का तोहफा
बोर्ड ने प्रति इक्विटी शेयर ₹3 के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है। जो निवेशक 6 नवंबर, 2026 की रिकॉर्ड डेट तक शेयर होल्ड करेंगे, उन्हें 25 नवंबर, 2026 से पैसा मिलना शुरू हो जाएगा।
फ्यूचर आउटलुक
NTPC अब पूरी तरह से रिन्यूएबल एनर्जी (सोलर, विंड, ग्रीन एनर्जी) पर फोकस कर रही है। निवेशकों के लिए कंपनी का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वह कैसे अपने थर्मल एसेट्स से आने वाले कैश फ्लो को नए ग्रीन प्रोजेक्ट्स में सही तरीके से निवेश करती है और साथ ही कर्ज के स्तर को कंट्रोल में रखती है।
