NTPC Green Energy ने जून तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी के मुनाफे (Profit) में **38.3%** की शानदार बढ़ोतरी देखी गई है। इस तिमाही में कंपनी ने **₹1,107 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है, जबकि रेवेन्यू में **62.7%** की जबरदस्त बढ़त दर्ज हुई है। कंपनी ने नई रिन्यूएबल एनर्जी सब्सिडियरी बनाने और आंध्र प्रदेश की एक ज्वाइंट वेंचर (Joint Venture) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की भी घोषणा की है।
Detailed Coverage
दमदार नतीजे और रेवेन्यू ग्रोथ
NTPC की रिन्यूएबल एनर्जी वाली कंपनी NTPC Green Energy Ltd. ने 2026-27 के फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) की पहली तिमाही में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कंपनी ने ₹1,106.9 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 38.3% ज़्यादा है। ऑपरेशन से होने वाली आय (Revenue from Operations) भी 62.7% बढ़कर ₹1,106.9 करोड़ हो गई, जबकि पिछले साल यह ₹680.2 करोड़ थी।
मार्जिन और EBITDA में भी उछाल
कंपनी ने खर्चों को कंट्रोल में रखते हुए रेवेन्यू में बढ़त हासिल की है। अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्सेस, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन (EBITDA) 63.8% बढ़कर ₹988.7 करोड़ तक पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 89.3% पर मजबूत बना रहा, जो पिछले साल की जून तिमाही के 88.7% से थोड़ा ज़्यादा है। यह ऊंचे मार्जिन रिन्यूएबल सेक्टर के लिए सामान्य है, जहां प्रोजेक्ट्स अक्सर लॉन्ग-टर्म फिक्स्ड-प्राइस कॉन्ट्रैक्ट्स (Fixed-price contracts) पर चलते हैं।
नए सब्सिडियरी और विस्तार की योजना
NTPC Green Energy अपने पोर्टफोलियो को मजबूत करने और कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के लिए काम कर रही है। कंपनी के बोर्ड ने एक नई व्होली-ओन्ड सब्सिडियरी (Wholly-owned subsidiary) बनाने की मंजूरी दे दी है। यह सब्सिडियरी एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के तौर पर काम करेगी और नए रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को डेवलप करेगी। इसका एक मुख्य उद्देश्य भविष्य में हिस्सेदारी कम करके पार्टनर्स को आकर्षित करना है, खासकर कैप्टिव (Captive) या ग्रुप कैप्टिव एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए।
इसके अलावा, बोर्ड ने AP NGEL Harit Amrit Ltd.—जो New & Renewable Energy Development Corporation of Andhra Pradesh Ltd. के साथ एक ज्वाइंट वेंचर (Joint Venture) है—में अपनी हिस्सेदारी 50% से बढ़ाकर 51% करने को भी मंजूरी दी है। इस कदम से यह ज्वाइंट वेंचर सब्सिडियरी बन जाएगी, हालांकि इसके लिए रेगुलेटरी अप्रूवल्स (Regulatory approvals) का इंतजार है।
फंड जुटाने की रणनीति
अपने विस्तार को गति देने के लिए, कंपनी ने हाल ही में डेट मार्केट (Debt market) से फंड जुटाया है। 9 जुलाई, 2026 को NTPC Green Energy ने ₹2,500 करोड़ के अनसिक्योर्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी किए, जिनकी कूपन रेट (Coupon rate) 7.27% सालाना है और ये 2036 में मैच्योर होंगे। इस फंड का इस्तेमाल कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital expenditure), सब्सिडियरी को इंटर-कॉर्पोरेट लोन (Inter-corporate loans) देने और मौजूदा कर्ज़ को रीफाइनेंस (Refinance) करने के लिए किया जाएगा। जैसे-जैसे कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाएगी, निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि ये डेट-फंडेड प्रोजेक्ट्स रेवेन्यू ग्रोथ में कैसे योगदान करते हैं और फाइनेंसिंग कॉस्ट (Financing costs) को मैनेज करने योग्य बनाए रखते हैं। आने वाली तिमाहियों में नए प्रोजेक्ट्स की एग्जीक्यूशन टाइमलाइन (Execution timeline), नई SPVs के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल्स की प्रगति और कंपनी की ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating margins) बनाए रखने की क्षमता पर फोकस रहेगा।
